इंदौर में LPG संकट पर सख्त हुआ प्रशासन, सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी की शिकायतों के लिए बनाया कंट्रोल रूम

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By Raj RathorePublished On: March 13, 2026

इंदौर: शहर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक प्रभावी कदम उठाया है। अब उपभोक्ता गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे कंट्रोल रूम में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया है।

यह व्यवस्था कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर लागू की गई है, जिसका उद्देश्य गैस सिलेंडरों की सहज उपलब्धता और वितरण प्रणाली को सुचारू बनाना है। प्रशासन का लक्ष्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ सिलेंडरों की अवैध बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।

कंट्रोल रूम स्थापित, हेल्पलाइन नंबर जारी

जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने जानकारी देते हुए बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति गैस सिलेंडर न मिलने, देरी से मिलने या कालाबाजारी जैसी समस्याओं की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर कर सकता है।

इसके अलावा, नागरिक कलेक्टोरेट कार्यालय के कमरा नंबर 221 में दफ्तर के समय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी अपनी शिकायत या सुझाव दे सकते हैं।

“इंदौर जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने तथा घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।” — एमएल मारू, जिला आपूर्ति नियंत्रक

शिकायतों पर होगी तत्काल कार्रवाई

कंट्रोल रूम में शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है। प्राप्त शिकायतों को दर्ज कर संबंधित अधिकारी और गैस एजेंसी को भेजा जाएगा ताकि समस्या का तत्काल समाधान हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडरों की ब्लैकमेलिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल रूम में इनकी हुई तैनाती

शिकायतों के प्रभावी निराकरण के लिए कंट्रोल रूम में सहायक आपूर्ति अधिकारी कल्पना परामानिक (मोबाइल- 9399142251) और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सवेसिंह गामड़ (मोबाइल- 8120041922) को नियुक्त किया गया है। इनके साथ कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित नागर, रोहित बर्मन, महेश जगताप और अब्दुल समद की टीम भी सहयोग करेगी। यह टीम शिकायतों का रिकॉर्ड बनाए रखेगी और उनके समाधान की प्रक्रिया पर नजर रखेगी।