अलगे 24 घंटों में इन 18 जिलों में आंधी-बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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By Pinal PatidarPublished On: February 28, 2026

होली के उत्सव की तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अप्रत्याशित रूप ले लिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं। फरवरी माह में यह चौथी बार है जब मौसम ने अचानक करवट बदली है। ग्वालियर-चंबल संभाग सहित अनेक जिलों में तेज आंधी के साथ वर्षा दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ।

किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों को नुकसान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं और अन्य रबी फसलें तेज हवाओं और ओलों की मार से झुक गईं। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी, जिससे पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह का मौसम आगे भी बना रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव, खरगोन रहा सबसे गर्म

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश का दौर चला। वहीं तापमान में भी असामान्य वृद्धि दर्ज की गई। खरगोन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। कई अन्य जिलों में भी पारा 30 से 34 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो फरवरी के अंतिम दिनों के हिसाब से सामान्य से अधिक माना जा रहा है।

मार्च की शुरुआत में फिर बदलेगा मिजाज

फिलहाल मौसम साफ होने के संकेत हैं, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि होली से ठीक पहले मार्च की शुरुआत में एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से फिर से बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। ऐसे में किसानों की चिंता अभी पूरी तरह कम नहीं हुई है, क्योंकि रबी फसलें पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं।

दिन में गर्मी, शाम को ठंडक का एहसास

राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों दिन के समय हल्की गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि शाम ढलते ही मौसम में ठंडक घुल जाती है। इस बदलते मौसम के कारण लोगों को दिन और रात के तापमान में स्पष्ट अंतर महसूस हो रहा है, जो सेहत पर भी असर डाल सकता है।