प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश को रेलवे विकास की बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से इस परियोजना की मांग उठाई जा रही थी, जिसे अब आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
9,072 करोड़ की लागत से होगा दोहरीकरण
गोंदिया–जबलपुर रेल मार्ग को डबल लाइन में बदलने के लिए लगभग 9,072 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना मल्टी-ट्रैक रेलवे विस्तार योजना के अंतर्गत शामिल है। सिंगल लाइन की वजह से ट्रेनों की आवाजाही में जो बाधाएं आती थीं, वे डबल लाइन बनने के बाद काफी हद तक दूर हो जाएंगी। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों दोनों को बेहतर परिचालन सुविधा मिलेगी।
307 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार
केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत गोंदिया से जबलपुर के बीच करीब 307 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क का विस्तार और उन्नयन किया जाएगा। इस परियोजना का लाभ चार राज्यों के आठ जिलों को मिलेगा। रेल ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्र में आवागमन और लॉजिस्टिक्स सिस्टम दोनों को मजबूती मिलेगी।
महाकौशल क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ
इस रेल लाइन के दोहरीकरण से मध्यप्रदेश के जबलपुर और बालाघाट क्षेत्र को विशेष फायदा होगा। गोंदिया से आने वाली ट्रेन सबसे पहले बालाघाट जिले में प्रवेश करती है, इसलिए यहां व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। महाकौशल क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल सेवा मिलने के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। बेहतर रेल सुविधा से निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
माल ढुलाई और कोयला परिवहन होगा तेज
डबल लाइन बनने के बाद मालगाड़ियों को क्लियरेंस में कम समय लगेगा, जिससे ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। खासतौर पर इस क्षेत्र से भेजे जाने वाले कोयले की सप्लाई में तेजी आने की उम्मीद है। उद्योगों को कच्चा माल समय पर मिलेगा और परिवहन लागत में भी कमी आ सकती है। इस तरह गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन का दोहरीकरण मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला साबित होगा।










