मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज शाम 7:30 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इस कार्यक्रम में रेल मंत्री वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। जिन ट्रेनों का शुभारंभ किया जा रहा है, उनमें भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस और भोपाल-चोपन एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों की शुरुआत से मध्यप्रदेश की झारखंड और उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
भोपाल-धनबाद त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस: जानें पूरा टाइमटेबल
भोपाल-धनबाद-भोपाल त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस 27 फरवरी से भोपाल से नियमित रूप से चलेगी, जबकि 1 मार्च से धनबाद से इसका संचालन शुरू होगा। यह ट्रेन शाम 7:30 बजे भोपाल से रवाना होकर अगले दिन शाम 7:20 बजे धनबाद पहुंचेगी। यानी लगभग 24 घंटे से कम समय में यह सफर पूरा करेगी। वापसी में ट्रेन रात 11 बजे धनबाद से प्रस्थान कर अगले दिन रात 10:35 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस समय-सारणी से यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा और लंबी दूरी की प्लानिंग आसान होगी।
भोपाल-चोपन साप्ताहिक एक्सप्रेस: लंबे इंतजार के बाद मिली सौगात
भोपाल-धनबाद ट्रेन के साथ ही भोपाल-चोपन-भोपाल साप्ताहिक एक्सप्रेस की भी शुरुआत की जा रही है। यह ट्रेन 1 मार्च से भोपाल से और 2 मार्च 2026 से चोपन से संचालित होगी। ट्रेन संख्या 11633/11634 के रूप में इसका संचालन होगा। यह ट्रेन रविवार को भोपाल से रवाना होगी और सोमवार को चोपन से वापसी करेगी। लंबे समय से इस रूट पर सीधी ट्रेन की मांग की जा रही थी, क्योंकि यात्रियों को अब तक सीमित विकल्प ही उपलब्ध थे। नई ट्रेन शुरू होने से इस मार्ग पर यात्रा अधिक सरल और सुलभ हो जाएगी।
एमपी के इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
दोनों नई ट्रेनें मध्यप्रदेश के कई अहम स्टेशनों पर रुकेंगी। इनमें विदिशा, गंजबासौदा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मुड़वारा और ब्यौहारी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इन स्टॉपेज से छोटे शहरों और आसपास के जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को लंबी दूरी तय कर बड़े जंक्शन से ट्रेन पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें अपने नजदीकी स्टेशन से ही सुविधा उपलब्ध होगी।
छात्रों, व्यापारियों और यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
नई ट्रेनों की शुरुआत से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। खासतौर पर मध्यप्रदेश से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ा राहत भरा कदम माना जा रहा है। बेहतर समय-सारणी, निर्धारित स्टॉपेज और नियमित संचालन से पूरे रूट की रेल सेवा अधिक सशक्त और सुविधाजनक हो जाएगी।










