आगामी परीक्षाओं के लिए MPPSC ने शुरू किया थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम,परीक्षा में बढ़ेगी पारदर्शिता और सुरक्षा

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By Abhishek SinghPublished On: January 25, 2026

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग अपनी परीक्षाओं में सुरक्षा के स्तर को और मजबूत करने वाला है। 26 अप्रैल को होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 से आयोग थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम को लागू करने की तैयारी कर रहा है।

आयोग ने यूपीएससी मॉडल के आधार पर सुरक्षा प्रणाली लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पहले टेंडर प्रक्रिया रद्द हो गई थी, लेकिन अब इसे दोबारा टेंडर के जरिए अमलीजामा पहनाया जा रहा है। आयोग का लक्ष्य है कि इस महत्वपूर्ण परीक्षा के बाद आने वाली सभी परीक्षाओं में इसी त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को अपनाया जाए।

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा से लागू होगी नई सुरक्षा व्यवस्था

एमपीपीएससी के विशेष अधिकारी डॉ. रवींद्र पंचभाई के अनुसार, प्रशासन का लक्ष्य है कि राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा से ही नई सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाए। इस परियोजना पर इस समय तेजी से काम चल रहा है। हालांकि अब तक एमपीपीएससी परीक्षाओं में डमी उम्मीदवार या धोखाधड़ी के मामले कम सामने आए हैं, लेकिन नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों को पूरी तरह रोकने के लिए इस कड़े सुरक्षा तंत्र की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस सुधार के बाद इंदौर समेत पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

आगामी परीक्षा में शामिल होंगे लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थी

आगामी प्रारंभिक परीक्षा में प्रदेश भर से लगभग डेढ़ लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की सटीक जांच और स्कैनिंग के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हाल के वर्षों में नीट, जेईई और व्यापम जैसी बड़ी परीक्षाओं में फर्जी उम्मीदवार और धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद एमपीपीएससी ने सुरक्षा प्रबंधों को और कड़ा करने का निर्णय लिया है। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।