नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया और वहां दूषित पानी से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद वे पैदल भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जहां उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और जीवनलाल के घर जाकर उन्हें सांत्वना दी।
इस मौके पर राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को 1-1 लाख रुपये का चेक प्रदान करेंगे, जबकि एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक सौंपेंगे। इस दौरे में राहुल गांधी के साथ दिग्विजय सिंह, उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद हैं।
सरकार को लेनी चाहिए जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य शहरों में भी यही हालात हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है। जो अधिकारी या विभाग इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें स्पष्टता से जवाब देना चाहिए। साथ ही, जिन्होंने इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी का बयान, इंदौर में पानी पीकर मर रहे लोग
भागीरथपुरा में मृतकों के परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि कई परिवारों में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में स्मार्ट सिटी बनाने का दावा किया गया था, लेकिन इस नए मॉडल की स्मार्ट सिटी में पीने का साफ़ पानी तक उपलब्ध नहीं है। लोगों को भय और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है, और पानी पीने के बाद ही कई परिवार बीमार हुए हैं। राहुल ने इसे “अर्बन मॉडल की विफलता” करार दिया।
राजनीति नहीं, मदद करने आया हूँ
जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या आप यहां राजनीति करने आए हैं, तो राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वे सिर्फ पीड़ितों का समर्थन करने आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं और यहां उनका मुद्दा उठाने तथा उन्हें मदद पहुंचाने आया हूं। इसमें कोई गलत बात नहीं है। मेरी जिम्मेदारी है कि देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, इसलिए मैं उनके साथ खड़ा हूं। सरकार को चाहिए कि पीड़ितों को सुरक्षित और साफ पानी मुहैया कराए।”










