MP Weather: उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने अब मध्यप्रदेश में ठंड का असर साफ तौर पर बढ़ा दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान तेजी से लुढ़का है, जिससे लोगों को तेज ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में गुरुवार–शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं प्रदेश के चार शहरों में पारा 5 डिग्री के नीचे पहुंच गया। शाजापुर में शीतलहर के चलते सर्दी और ज्यादा तीखी महसूस की गई।
शुक्रवार सुबह मध्यप्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में कोहरे की घनी परत छाई रही, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग ठंड और कोहरे से सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां मध्यम से घना कोहरा देखा गया। राजधानी भोपाल और औद्योगिक शहर इंदौर में भी रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड, पारा 4.7 डिग्री तक लुढ़का
प्रदेश में सर्दी का असर लगातार गहराता जा रहा है। शहडोल जिले का कल्याणपुर ठंड के मामले में सबसे आगे रहा, जहां रात का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर, कटनी के करौंदी क्षेत्र और मंदसौर में भी पारा 4.7 से 4.8 डिग्री सेल्सियस के बीच लुढ़क गया। राजगढ़, रीवा, दतिया और पचमढ़ी जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री के आसपास रहा।
उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड और रतलाम सहित कई जिलों में भी रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर में सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल के साथ-साथ ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी रात के पारे ने एक बार फिर 10 डिग्री के नीचे का स्तर छू लिया है।
जेट स्ट्रीम हवाओं से बढ़ी ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम और उत्तर भारत के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं का प्रभाव अब मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है, जिससे ठंड में इजाफा हुआ है। इसी बीच 16 जनवरी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे निकल चुका है, हालांकि 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं। यदि यह प्रणाली प्रभावी रही तो 20 जनवरी के बाद मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।
घने कोहरे से रेल यातायात प्रभावित
घनी धुंध की चादर के चलते ग्वालियर-चंबल क्षेत्र समेत प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय देखने की क्षमता काफी घट गई। खराब दृश्यता का असर रेल संचालन पर भी दिखाई दिया। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन की ओर आने वाली अनेक यात्री गाड़ियां निर्धारित समय से देर से पहुंचीं, जिनमें मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस को सबसे अधिक विलंब का सामना करना पड़ा।










