काशी में सीएम योगी ने पहली बार किया जनता दर्शन, लोगों से किया सीधा संवाद, डेढ़ सौ प्रार्थना पत्र भी किए स्वीकार

Author Picture
By Abhishek SinghPublished On: August 30, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन पहली बार जनता दर्शन किया। यह कार्यक्रम सुबह आठ बजे सर्किट हाउस में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने सीधे आम जनता से बातचीत की।


इस अवसर पर 101 लोगों ने अपनी समस्याएँ सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। समय की कमी के कारण जिन लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं हो सकी, उनके प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री तक पहुँचाने का आश्वासन दिया गया। ऐसे लोगों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक बताई जा रही है। पूर्वांचल में आयोजित इस पहले जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पहले जब मुख्यमंत्री वाराणसी आते थे, वे केवल जनप्रतिनिधियों और कुछ प्रमुख व्यक्तियों से ही मिलते थे। इस बार आम जनता को भी अपनी समस्याएँ सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मिला। यह पहल मुख्यमंत्री की पूर्वांचल की जनता के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। इससे पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए तत्पर रहते थे, लेकिन यह पहला अवसर था जब पूर्वांचल में सीएम योगी ने प्रत्यक्ष जनसुनवाई की।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी किया सर्वेक्षण

जनता दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री ने गाजीपुर का रुख किया और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों की स्थिति का निरीक्षण किया और सभी आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

जनता और सरकार के बीच दूरी घटाने का प्रयास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल वाराणसी, बल्कि पूरे पूर्वांचल की जनता के लिए सकारात्मक संदेश है। जनता दरबार के माध्यम से उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी सरकार आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जनता दरबार पूर्वांचल में एक नई पहल है, जो सरकार और जनता के बीच दूरी को कम करने के प्रयास को दर्शाती है। अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी लखनऊ में जनसुनवाई के माध्यम से जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाते रहे हैं, लेकिन पूर्वांचल में यह पहल बिल्कुल नया अनुभव है।

इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि उनकी सरकार की योजनाएँ और कार्यक्रम सीधे आम जनता तक पहुँचें। इससे न केवल लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि सरकार की नीतियों का सही ढंग से क्रियान्वयन हो सके।