MP Tourism : गर्मी में ठंडक और ठंड में गर्मी का अनुभव करवाते हैं गोबर और मिट्टी से बने ये घर, विदेशी पर्यटकों को भी खूब भाती हैं देसी संस्कृति

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी किनारे बने ईको-फ्रेंडली होम स्टे पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। मिट्टी, गोबर और लकड़ी से बने ये पारंपरिक घर बिना एसी के भी गर्मी में ठंडक देते हैं और ठंड में गर्म रहते हैं। यहां 2,000 रुपये प्रति रात में ठहरने की सुविधा मिलती है, जहां 25 से ज्यादा ऑर्गेनिक निमाड़ी व्यंजन परोसे जाते हैं। महेश्वर के नजदीक स्थित ये होम स्टे ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहे हैं।

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MP Tourism : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे बने ईको-फ्रेंडली होम स्टे इन दिनों पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। 45 डिग्री तापमान में भी ठंडी राहत देने वाले ये पारंपरिक घर, आधुनिक सुविधाओं से भरपूर हैं। बाहर से दिखने में साधारण, लेकिन अंदर से लग्जरी होटल जैसी सुविधा देने वाले ये होम स्टे, पर्यटकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

हर साल हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक खरगोन जिले के महेश्वर घूमने आते हैं। ऐतिहासिक किला, नर्मदा नदी के घाट और पारंपरिक माहेश्वरी साड़ियों के लिए मशहूर इस स्थान पर अब गांव की संस्कृति को करीब से जानने और अनुभव करने का नया अवसर मिल रहा है। सरकार ने विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए खरगोन में 22 पारंपरिक होम स्टे विकसित किए हैं, जहां ठहरने का एक अनूठा अनुभव मिलता है।

गर्मी में ठंडक और ठंड में गर्मी देने वाले घर (MP Tourism)

पर्यटन विभाग ने इन होम स्टे को बनाने के लिए बोथू, केरियाखेड़ी और नावड़ातोड़ी गांवों को चुना है। ये घर पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल हैं और मिट्टी, गोबर, लकड़ी और घासफूस से बनाए गए हैं, जिससे ये गर्मी में ठंडे और ठंड में गर्म बने रहते हैं। इन पारंपरिक घरों को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि बिना किसी एसी या कूलर के भी ठंडक बनी रहती है।

विदेशी पर्यटकों को भा रही देसी संस्कृति

बोथू गांव में इन होम स्टे में रुकने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विदेशी मेहमान देसी शैली की सुविधाओं को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं। पर्यटकों को अब कंक्रीट के होटलों से ज्यादा मिट्टी से बने घरों में रहने का अनुभव पसंद आ रहा है।

एक रात ठहरने का खर्च और सुविधाएं

यहां एक रात रुकने के लिए करीब 2,000 रुपये का खर्च आता है, जिसमें ब्रेकफास्ट मुफ्त दिया जाता है। खाने में सिर्फ पारंपरिक निमाड़ी व्यंजन परोसे जाते हैं, जो पूरी तरह से ऑर्गेनिक होते हैं और किसी प्रकार के रसायन से मुक्त रहते हैं।

25 से ज्यादा देसी व्यंजनों का आनंद

यहां के होम स्टे में एक विशेष निमाड़ी मेन्यू कार्ड तैयार किया गया है, जिसमें 25 से ज्यादा प्रकार के शुद्ध देशी व्यंजन शामिल हैं। पर्यटकों की डिमांड पर ये व्यंजन मात्र एक घंटे में तैयार कर दिए जाते हैं। कुछ प्रमुख व्यंजन इस प्रकार हैं:

  • अमाड़ी की भाजी
  • ज्वार, मक्का और बाजरे की रोटी
  • निमाड़ी स्पेशल व्यंजन

ये सभी व्यंजन पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक खाद्य पदार्थों से बनाए जाते हैं, जिससे पर्यटकों को शुद्ध और पारंपरिक खानपान का अनुभव मिलता है।

इतिहास, संस्कृति और प्रकृति का संगम हैं महेश्वर

महेश्वर सिर्फ अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए ही नहीं, बल्कि नर्मदा नदी के सुंदर घाटों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। महेश्वरी साड़ियां दुनिया भर में जानी जाती हैं, और सालभर यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। क्योंकि केरियाखेड़ी, नावड़ातोड़ी और बोथू गांव महेश्वर से बेहद करीब हैं, इसलिए यहां ईको-फ्रेंडली होम स्टे बनाए जा रहे हैं। इससे पर्यटकों को नर्मदा के सुरम्य घाटों, शांत वातावरण और ग्रामीण जीवन का अद्भुत अनुभव मिल सकेगा।