उत्तर प्रदेश : जनसंख्या वृद्धि को ना जोड़ें जाति-धर्म से, अधिकता से पूरा देश होगा दुष्प्रभावित ,बोले मुख्तार अब्बास नकवी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनसंख्या वृध्दि पर अपना बयान दिया गया था। इस वक्तव्य के अलग-अलग अर्थ निकाल कर देखे गए और साथ ही विभिन्न स्वरूपों में विरोध भी मुख्यमंत्री के इस बयान पर दर्ज हुआ था। अब पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का आया बयान। कहा है की जनसंख्या वृद्धि का विस्फोट किसी धर्म मजहब विशेष का नहीं बल्कि पुरे देश के नागरिकों के लिए है।

अभी कुछ दिनों पूर्व ही उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) द्वारा जनसंख्या वृध्दि पर अपना बयान दिया गया था। जिसमें उनके द्वारा जनसंख्या में बेतहाशा बढ़ौतरी और जनसंख्या असंतुलन के विषय में चर्चा की थी। योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के इस वक्तव्य के अलग-अलग अर्थ निकाल कर देखे गए और साथ ही विभिन्न स्वरूपों में विरोध भी मुख्यमंत्री के इस बयान पर दर्ज हुआ था।

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अब पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का आया बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनसंख्या वृध्दि पर दिए गए बयान पर कई लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं ,जिनमें विरोध की भी कई प्रतिक्रिया इस दौरान देखी गई। परन्तु अब भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का एक बयान समाने आया है जिसमें उन्होंने जनसंख्या वृद्धि को जाति-धर्म से ना जोड़ें जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है की जनसंख्या वृद्धि का विस्फोट किसी धर्म मजहब विशेष का नहीं बल्कि पुरे देश के नागरिकों के लिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनसंख्या में बेतहाशा वृद्धि से सभी जाति धर्म मजहब के लोग दुष्प्रभावित होंगे , जिसपर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है।

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क्या कहा था योगी आदित्यनाथ ने जिसका हो रहा है विरोध

विश्व जनसंख्या दिवस पर लखनऊ में एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के साथ ही देशभर की बढ़ती जनसंख्या की समस्या पर चिंता जताई थी। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण अभियान की सफल सक्रियता की कामना के साथ ही जनसंख्या के वर्गों के अनुसार हो रहे असंतुलन के प्रति भी नाराजगी जताई थी, साथ ही इसमें यथासंभव सुधार की भी अपील उन्होंने प्रदेश सहित देशभर की जनता से की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान के अलग-अलग मायने निकालते हुए कई लोगों और संगठनों के द्वारा विरोधात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं थी। पूर्व में उत्तरप्रदेश में सरकार में रही समाजवादी पार्टी के द्वारा भी विरोध में प्रतिक्रिया सामने आई थी।