भारत में आज आंशिक सूर्यग्रहण देखा जा रहा है। यह खगोलीय घटना तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के आंशिक रूप में आता है, जिससे पृथ्वी के स्थान विशेष से देखने पर सूर्य का आधा भाग ही नजर आता है। भारत में ग्रहण की शुरुआत शाम के 4 बजे के बाद हुई।

ये आंशिक सूर्य ग्रहण यूरोप,  उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा. भारत में ये सूर्य ग्रहण नई दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, उज्जैन, वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, लखनऊ, हैदराबाद,  पुणे, भोपाल, चंडीगढ़, नागपुर में दिखाई देगा. भारत में सूर्य ग्रहण का कुल समय लगभग 1 घंटे40 मिनट रहा।

 

सूर्य ग्रहण का समय 

अमृतसर, श्रीनगर, जम्मू, वृंदावन, दिल्ली NCR समेत देश के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण देखा जा रहा है। 27 साल बाद दिवाली के बाद लगा आंशिक सूर्य ग्रहण। यह सूर्य ग्रहण भारत में 30 प्रतिशत जबकि रूस और चीन में यह 80 प्रतिशत सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। बता दें देश में सबसे पहले इसे अमृतसर में शाम 4.19 बजे से देखा गया। वहीं, मुंबई में शाम 6.09 बजे तक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। ज्यादातर जगह ग्रहण सूर्यास्त के साथ ही खत्म होगा।

पढ़ें धार्मिक नजरिये से सूर्यग्रहण पड़ने का कारण

धार्मिक नजरिए से ग्रहण की घटना को बहुत ही अशुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का कोई भी शुभ काम या पूजा-पाठ नहीं होती है। लेकिन सूर्य और चंद्र ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है ऐसी स्थिति में सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण या फिर पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

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वहीं जब चंद्रमा सू्र्य के कुछ हिस्सों को ही ढक पाता है तो इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस स्थिति में सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी तक पहुंचती तो नहीं। और जब चंद्रमा सूर्य के बीच वाले भाग को ढकता है तो सूर्य एक रिंग की तरह दिखाई देता है। इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं।