जम्मू कश्मीर : वायुसेना के शहीद लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल का पार्थिव शरीर लाया गया पैतृक घर, 28 जुलाई को मिग-21 हादसे में हुए थे वीरगति को प्राप्त

राजस्थान के बाड़मेर जिले के भीमड़ा गांव में मिग-21 विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल का पार्थिव शरीर उनके जम्मू के आरएस पोरा में उनके पैतृक घर पर लाया गया। जहां कुछ देर के पश्चात् उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दो दिन पहले गुरुवार (Thursday) 28 जुलाई को राजस्थान (Rajasthan) के बाड़मेर जिले के भीमड़ा गांव में रात 9 बजकर 10 मिनट पर भारतीय वायु सेना का मिग-21 विमान हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना में वायुसेना के उक्त फाइटर विमान में मौजूद दोनों पायलेट विंग कमांडर एम राणा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

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शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल का पार्थिव शरीर लाया गया पैतृक घर

राजस्थान के बाड़मेर जिले के भीमड़ा गांव में मिग-21 विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल का पार्थिव शरीर उनके जम्मू के आरएस पोरा में उनके पैतृक घर पर लाया गया। जहां कुछ देर के पश्चात् उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर लाया गया, उनके परिजनों का दुःख उमड़ पड़ा। इसके साथ उनके गांव और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे हैं।

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केवल 26 वर्ष थी शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल की आयु

गुरुवार को मिग-21 विमान हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल की आयु केवल 26 वर्ष थी। 2014 में शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल के द्वारा NDA की परीक्षा क्लियर की गई थी, जिसके बाद वायु सेना में उनकी नियुक्ति हो पाई थी । उनके परिजनों के द्वारा जानकारी दी गई की लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल अपने बाल्यकाल से ही देश सेवा की भावना के साथ बड़े हुए और देश के काम आना ही सदा से उनका एकमात्र लक्ष्य रहा है।