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युवाम ने शिक्षा को बनाया मिशन…ढाई लाख युवाओं को दिलाया रोजगार

Posted on: 14 May 2018 13:45 by Praveen Rathore
युवाम ने शिक्षा को बनाया मिशन…ढाई लाख युवाओं को दिलाया रोजगार

इंदौर। युवा वर्ग को उचित मार्गदर्शन देने व रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों को करने का शौक जागृत करने एवं युवा सृजन राष्ट्र निर्माण की मूल भावना को लेकर रतलाम के युवा समाजसेवी पारस सकलेचा (दादा) ने 19 जून 1977 को संस्था युवाम की स्थापना की। युवाम के संस्थापक एवं रतलाम के पूर्व विधायक पारस दादा ने अपनी इस सेवा को बहुत छोटे स्वरूप में शुरू किया था। नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की तो मात्र चार स्टूडेंट पढऩे आए। कारवां धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया और आज 9 राज्यों में दो सौ से अधिक सेंटर युवाम के चल रहे हैं। इसी संस्था की मदद से देश में करीब चार लाख युवा नि:शुल्क व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, वहीं ढाई लाख युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। ये कहानी है युवाम की। घमासान डॉटकॉम आपको युवाम इंदौर सेंटर के डायरेक्टर साबीर खान से रूबरू करा रहा है…sabir

सवाल : इंदौर में युवाम की गतिविधियां चल रही है?
जवाब : जैसा कि मैंने बताया कि युवाम की स्थापना रतलाम में 1977 में बहुत ही छोटे रूप में की गई थी, उसके बाद धीरे-धीरे प्रदेश और फिर अन्य राज्यों तक विस्तार किया गया। इसमें समय जरूर लगा लेकिन इसका उद्देश्य आज भी पैसा कमाना नहीं है। इंदौर में युवाम का एक सेंटर प्रेस कॉम्प्लेक्स संचालित किया जा रहा है, जहां दो शिफ्ट में दो सौ स्टूडेंट कोचिंग ले रहे हैं। इसके अलावा एक सेंटर सपना-संगीता रोड पर भी चल रहा है। बैंकिंग, एमपीपीएससी, रेल्वे, एसएससी और अन्य करियर के लिए प्रतियोगि परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। खास बात ये है कि युवाम सेंटर में मटेरियल प्रोवाइड कराते हैं। सिलेक्शन रेशो में हमारा नंबर अग्रणी है। गरीब व मध्यमवर्गीय बच्चों को आज भी अधिकांश सेंटरों में नि:शुल्क कोचिंग दी जाती है। कुछ सेंटरों में नाममात्र की फीस इसलिए ली जाती है, क्योंकि यहां कैम्पस किराये पर ले रखा है, इसलिए अन्य की तुलना में महज २० फीसदी शुल्क लिया जाता है, यदि बच्चे की स्थिति इतना पैसा देने की भी नहीं है, तो भी उसे मना नहीं किया जाता है और नि:शुल्क कोचिंग कराई जाती है।

सवाल : आपका और क्या बिजनेस है।
जवाब : मेरा अपना बुटिक स्टूडियो (वेडिंग कपड़े) का बिजनेस है। चूंकि मैं पारस दादा से प्रभावित रहा, इसलिए युवाम से पिछले 14 साल से जुड़ा हूं।

सवाल : आपकी हॉबी क्या है?
जवाब : युवाम से जुडऩे के बाद शिक्षा को ही मिशन बना लिया है और इसी काम में मजा भी आ रहा है और समाजसेवा भी हो रही है। जब युवाम के बच्चों को जॉब मिलती है और वे अच्छे करियर की शुरुआत करते हैं, तो खुशी मिलती है। अपना ज्यादातर टाइम बिजनेस और युवाम को ही देता हूं।

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