Breaking News

योगी जी होलें होलें हैप्पी बर्थ-डे योगी आदित्यनाथ जी, बुंदेली चिट्ठी, सचिन चौधरी की बुंदेली बौछार

Posted on: 05 Jun 2018 08:42 by Ravindra Singh Rana
योगी जी होलें होलें हैप्पी बर्थ-डे योगी आदित्यनाथ जी, बुंदेली चिट्ठी, सचिन चौधरी की बुंदेली बौछार

योगी जी प्रणाम और नमस्ते। प्रणाम एक महंत खों और नमस्ते एक मुख्यमंत्री खों। आपसे ठीक चार साल पहले एक मुलाकात भई ती। गोरखपुर में ही। ई मुलाकात के पहले हमाये मन में भी आपकी डॉन टाइप छवि हती। लेकिन आपसे लगभग 3-4 मिनट की मुलाकात में हमाई भावना में तनिक परिवर्तन आओ और आप थोड़े स्पष्टवादी टाइप लगे। खैर जीवन के करीब 24 बरस उत्तर प्रदेश में गुजारने के अनुभव के आधार पे हमें भी बतौर सीएम बहुत उम्मीदें हतीं। हमने वो समय भी देखे जब तालबेहट में 20-25 दिन तक लगातार लाईट नहीं रही। झांसी शहर में भी 48 घंटा लगातार बिजली बंद देखी। सपा – बसपा के शासन की यादें दुखदायी रहीं।

yogi

बसपा शासन में दलित उत्पीड़न के नाम पे बेगुनाहों खों जेल जाते देखे और सपा शासन में बतौर पत्रकार ट्रिपल मर्डर की घटनायें, आम सी होती देखीं। इन सब दृश्यों के बीच जब हम भोपाल आए तो इते मम्मा शिवराज को राज जन्नत सो दिखाई दओ। लेकिन साल 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तो हम बतौर यूपी वासी बेहद खुश भये। खुशी ईसे नईं भये के भाजपा की सरकार बनी बल्कि खुशी ईसे मिली के योगी आदित्यनाथ सीएम बने। आपसे भी खुशी की कोई पर्सनल वजह नहीं रही। बल्कि एक उम्मीद लगी के यूपी खों सुधारवे जो सख्ती की जरूरत हती वो आपमें है। शुरू में प्रशासनिक सख्ती, अवैध बूचड़खाने पर कार्रवाई, अॉपरेशन मजनू चलाके आपने हम जैसों की उम्मीदों खों पंख दे दये। लेकिन कुछ ही दिनों में हमाई संभावनाएं आशंका में बदल गईं।

Maya

ऐसो लगे के जैसे तपती दुपरिया में बारिश की उम्मीदों भरे बादल आए, छाए और एक तेज हवा उन्हें उड़ा के ले गई। हम चुनाव और राजनीति की बात नईं करें योगी महाराज । बस एक बात पूछ रये। सरकार बनावे के एक साल बाद आप का थे और का हो गये। आइना में खुद खों देखियो तनिक। रेत की डकैती होई रही, रिश्वतखोरी में कमी नईंया, बूचड़खाने ज्यों के त्यों चल रये। अॉपरेशन मजनू तो छोड़ दो आपके खुद के विधायक बलात्कार के आरोप में जेल जा रये, किसान ज्यों के त्यों ठगे से हैं, रामलला टाट में बाट देखई रये, बुंदेलखंड बूंद बूंद पानी खों तरसई रओ। गोरखपुर के बच्चे दिमागी बुखार से मर ही रये।

mayavati

जो सबके बाद भी यूपी में तो कछु बदलाव न आवे से ज्यादा हमें आपकी बदली छवि को ज्यादा कष्ट है। चंद महीना पहले ही आपखों एक साजिश के तहत पीएम इन वेटिंग को ख्वाब दिखा के राष्ट्रीय चेहरा बनाओ गओ। ई देश में पीएम इन वेटिंग को का हाल होत जो अपने गुरू आडवाणी जी से ही सीख लेते महाराज। आप खुद सोच लो के एक साल में ऐसो का हो गओ के जनता खों अखिलेश यादव और मायावती आपसे ठीक लगन लगे। ईको जवाब छिपे है आपके ही गोरखपुर के मठ में। ई मंदिर के एक हॉल में आपके गुरू और भगवान के साथ हर मूर्ति पूजक धर्म संप्रदाय और जातियों के आराध्य भगवान और आराध्यों की मूर्तियां बराबर से रखी हैं।

उते आपके आंगन में महावीर भी हैं, बुद्ध भी, बाल्मीकि भी। सब हैं। जे आपके गुरुओं की आपखों सीख थी शायद। के भले अपनों मठ चलाओ लेकिन जब आप बड़े बनो तो सबखों बराबर से सम्मान दो और स्थान दो। बस इतनी सी बात आपने सीख लई होती तो आज शायद हालात बेहतर होते। मुख्यमंत्री बनवे के पहले आप भले फायरब्रांड हते मनों सीएम आग बढ़ावे वारो नईं आग बुझावे वारो भयें चैये। मोदी शिवराज और रमन सिंह तीन तीन टर्म पूरे करके आगे बढ़े और आप एकई साल में बढ़ चले। आपखों राष्ट्रीय स्तर के सपने दिखावे के पीछे भी लोगों के स्वार्थ हैं। ताकि आपके पीछे खेल चल सकें। खैर आपसे या आपकी पार्टी से हमाई खास सहानुभूति नईयां। हमें तो कष्ट उत्तर प्रदेश खों लेके है। आपकी गलतियों से एक बेर फिर शिवपाल चच्चा, नसीमुद्दीन, अमर सिंह, बाबूसिंह कुशवाहा टाइप लोगों के हाथों में खेलहे हमाओ उत्तर प्रदेश।

जन्मदिन पे नाचीज़ की एक अंतिम सलाह सोई ले लो योगी जी। जे सत्ता तो आती जाती रेहे। गोरखपुर मठ की आपकी सत्ता पर्मानेंट है। सो एक बेर पूरी ताकत लगा के सबकी परवाह छोड़ कर दो कछु ऐसो के जो प्रदेश आपको अहसान मानवें। वर्ना हम एक बेर फिर बेहतर यूपी के सपनों की भ्रूण हत्या होत देख रये बिना अल्ट्रासाउंड के।

sachin chaudhari

सचिन चौधरी की कलम से 

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com