दुनियाभर में मनाया जा रहा विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, जानिए कैसे हुई शुरूआत

0
92
World press freedom day

आज दुनियाभर में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। यूनेस्को महासम्मेलन की अनुशंसा के बाद  दिसंबर 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 मई को प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की थी। तभी से 3 मई को हर साल इस दिन को मनाया जाता है। बता दे कि हर साल यह दिन अलग – अलग थीम पर मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम ‘लोकतंत्र के लिए मीडिया फर्जी खबरों और सूचनाओं के दौर में पत्रकारिता एवं चुनाव है।

गौरतलब है कि फर्जी खबरे भारत सहित दुनिया भर के लिए सिरदर्द बनी हुई है। फर्जी खबरों से अपराध के बढ़ने की संभावनाएं रहती है साथ ही इसका असर चुनावों पर भी देखा जाता है। फर्जी खबरों की समस्याओं से निपटने के लिए दुनियाभर की मीडिया प्रयासरत है।

बता दे कि हर साल अलग-अलग दषों द्वारा इस दिवस की मेजबानी की जाती है। जिसके चलते इस वर्ष के विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन इथोपिया की राजधानी आदिस अबाबा में किया जाएगा। इस दौरान चुनावों के दौरान मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी बात की जाएगी। साथ ही साथ ही शांति और समृद्धि को कायम रखने में मीडिया की क्या भूमिका रहती है, इस विषय पर भी प्रकाश ड़ाला जाएगा। वही भारत में भी सेमिनारों का आयोजन किया जाएगा।

क्या है उद्देश्य ?

विश्व प्रेस दिवस का उद्देष्य मीडिया की स्वतंत्रता को लकर जागरूकता फैलाना है। साथ ही यह दिन अभिव्यक्ति की आजादी को बहाल रखने और उसका सम्मान करने की वचनबद्धता की बात करता है।

कैसे हुई शुरूआत?

वर्ष 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर पहल की गई थी। उन पत्रकारों द्वारा डिक्लेरेशन ऑफ विंडहोक के नाम से प्रेस की स्वतंत्रता के सिद्धांतो को लकर एक बयान जारी किया था। जिसके बाद 1993 को पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस मनाने की घोषणा की।

क्यों मनाया जाता है?

गौरतलब है कि विश्वभर के पत्रकारों को कई समस्याओं का समना करना पड़ता है। जिसकर प्रमुख उदाहरण सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी, भारतीय पत्रकार गौरी लंकेश और उत्तरी आयरलैंड की पत्रकार लायरा मक्की की हत्या है। विष्व में अलग-अलग देषों में हुई हत्याओं ने प्रेस की सुरक्षा पर भी वालिया निषान खडे कर दिए है। वही पत्रकारों के साथ आए दिन मारपीट और धमकियां देने की खबरे भी सामने आती है। जो कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मे बड़ी बाधाएं बनकर उभरी है। जिसके चलते उक्त बातों को केन्द्र में रखकर यह दिन मनाया जाता है।

कैसे मनाया जाता है ?

यूनेस्को द्वारा 1997 से हर वर्ष प्रेस की आजादी के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्ति को 3 मई को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज दिया जाता है। साथ ही प्रेस की आजादी पर विद्यालयों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और अन्य शैक्षिक संस्थानों में वाद-विवाद, निबंध लेखन प्रतियोगिता और क्विज का आयोजन किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here