CM कमलनाथ के प्रयासों से संपन्न मैग्नीफिसेंट एमपी प्रदेश में स्थापित करेगा विकास के नए आयाम

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मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के सफल प्रयासों व मैनेजमेंट से मेग्निफिसेंट एमपी का यह आयोजन पिछले वर्षों में प्रदेश में हुई कई इन्वेस्टर्स समिटो के आयोजनों से पूरी तरह अलग रहा।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में संपन्न मैग्नीफिसेंट एमपी – 2019 का यह आयोजन निश्चित तौर पर एक सफल आयोजन के रूप में इतिहास में दर्ज हुआ है और इस आयोजन से प्रदेश के विकास को एक नई गति मिलेगी।यह आयोजन प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा , इस आयोजन से प्रदेश में निवेश तो आएगा ही ,रोजगार के नए अवसर भी बड़ी संख्या में सृजित होंगे।जिससे प्रदेश के युवाओं की बेरोजगारी की एक बड़ी समस्या भी दूर होगी, इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

यह आयोजन प्रदेश में निवेश के नाम पर पिछले वर्षो में संपन्न आयोजनों से पूरी तरह से अलग रहा।इसकी खासियत यह रही कि –

1- इस मैग्नीफिसेंट एमपी के आयोजन में सिर्फ आँकड़ो की बाज़ीगरी दिखाने के लिये ना कोई एमओयू साइन हुआ , ना कोई हवा हवाई घोषणाएँ हुई। सिर्फ़ निवेश को वास्तविक रूप में धरातल पर लाने को लेकर मंथन हुआ।

2- अन्य आयोजनो की तरह इसमें ना कोई स्वागत की औपचारिकता हुई ,ना कोई नेताओं की उपस्थिति वाला बड़ा भारी मंच सजा , ना नेताओं के लंबे चौड़े भाषण हुए।

3- इस आयोजन की ख़ासियत यह रही कि इसकी कमान पूरी तरह से निवेशको ,उद्योगपतियों के पास रही और यह आयोजन पूरी तरह से निवेशकों व उद्योगपतियों के आयोजन के रूप में दर्ज हुआ।

4- इस आयोजन के मंच पर सिर्फ वक्ता ही पहुँचे और वह भी अपना संबोधन देकर नीचे आकर अन्य उद्योगपतियों के साथ बैठ गए।स्वयं मुख्यमंत्री कमलनाथ भी पूरे समय मंच से नीचे निवेशको व उद्योगपतियों के बीच में ही बैठे रहे।

5- इस आयोजन में उद्योगपतियों , निवेशकों से उनकी समस्याओ व निवेश को लेकर वन टू वन चर्चा की गयी।वह कैसी निवेश नीति चाहते हैं , उन्हें प्रदेश में निवेश को लेकर क्या पारेशानिया है ,उस पर उनसे सीधी चर्चा की गई और हाथों-हाथ उसका निराकरण भी किया गया और कई समस्याओं के निराकरण के लिए समय सीमा भी तय की गई।

6- इस आयोजन का उद्देश्य झूठे एमओयू व झूठी घोषणाएँ नहीं रहा।इसमें निवेश को वास्तविक रूप में प्रदेश में कैसे धरातल पर उतारा जाए ,उसको लेकर कार्य योजना पर मंथन किया गया ,चर्चा की गई।

7- इस आयोजन में सिर्फ निवेशको , उद्योगपतियों को बुलाया गया।दिखावटी भीड़भाड़ से परे रहा यह आयोजन।

8- इस आयोजन को लेकर पूर्व के आयोजनों की तरह करोड़ों रुपए ना तो ब्रांडिंग पर, ना विदेश यात्राओं पर , ना महँगे प्रचार- प्रसार पर खर्च नहीं किए गए , कम खर्च में यह आयोजन सुव्यवस्थित व अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

9- इस आयोजन में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वयं निवेशकों व उद्योगपतियों से सीधी चर्चा कर उनकी कई समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया और प्रदेश में निवेश को लेकर एक ऐतिहासिक व क्रांतिकारी फैसला लिया कि किसी भी नये प्रारंभ प्रोजेक्ट के लिए अब 3 साल तक मंजूरी लेने की कोई बाध्यता नहीं।

प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर संपन्न यह आयोजन पूरी तरह से निवेशकों व उद्योगपतियों का आयोजन रहा। तमाम फर्जीवाड़ो, झूठे आंकड़ों, झूठे एमओयू, झूठी घोषणाओं से दूर, निवेश की वास्तविकता को लेकर संपन्न यह आयोजन निश्चित तौर पर विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक रहा।

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