Breaking News

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में रणछोड़ क्यों बनी

Posted on: 08 Jan 2019 11:58 by Ravindra Singh Rana
भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में रणछोड़ क्यों बनी

अर्जुन राठौर

अभी अभी भोपाल के सूत्रों से जानकारी मिली कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश में विधानसभा अध्यक्ष के होने वाले चुनाव में भाग लेने से इनकार कर दिया गया है। कुल मिलाकर राजनीतिक हलकों में इसकी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

क्योंकि उल्लेखनीय है कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि भारतीय जनता पार्टी हमारे विधायकों को सौ सौ करोड़ में खरीदने का लालच दे रही है। और यही वजह है कि 52 साल बाद स्पीकर पद के लिए चुनाव हो रहे थे।अभी तक यह परंपरा रही थी कि सत्ता पक्ष के विधायक का चयन विधानसभा अध्यक्ष के लिए हो जाता था और विपक्ष इसमें सहयोग देता था विपक्ष अपना कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं करता था

लेकिन पहली बार ऐसी स्थिति बन रही थी कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा विजय शाह को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था। और यह कहा गया था कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस को निर्विरोध अध्यक्ष नहीं चुनने देगी।उल्लेखनीय है कि 52 साल पहले 1959 में स्पीकर पद के लिए वोटिंग हुई थी। तब सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस के काशी प्रसाद पांडे को 172 सोशलिस्ट पार्टी के चंद्र प्रकाश मिश्रा को 117 वोट मिले थे।

इधर दिग्विजय सिंह ने यह आरोप लगाकर भोपाल में सनसनी फैला दी थी कि उनके विधायकों को सौ सौ करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है। और इस बात के उनके पास रिकॉर्डिंग में सबूत भी है जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक किया जाएगा इधर भारतीय जनता पार्टी में विजय शाह को जिताने के लिए कैलाश विजयवर्गीय के साथ एक रणनीति बनी थी। जिसमें नरोत्तम मिश्रा भूपेंद्र सिंह और विश्वास सारंग सहित कई नेता शामिल हुए थे। भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक में यह भी बात सामने आ रही थी कि असंतुष्ट और छोटे दलों के विधायकों से भी संपर्क जारी है।

अब भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से पीछे हटने के बाद जो हालात बने हैं वे वाकई चौंकाने वाले हैं।

Read More:-

ऐसी उम्मीद तो नहीं थी कमलनाथ जी

भाजपा का दामन थाम सकता है कांग्रेस को ये दिग्गज नेता

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com