लालकृष्ण आडवाणी के मामले में सुषमा स्वराज चुप क्यों रही| Why is Sushma Swaraj silent in LK Advani’s case?

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ATAL VIHARI VAJPAYEE,FORMER PRIME MINISTER WITH LAL KRISHNA ADVANI,MURLI MANOHAR JOSHI AND JASWANT SINGH ADDRESSING JOURNAL MEETING A MEMORANDUM TO PRESIDENT APJ ABDUL KALAM AGAINST THE SHANKARACHARYA ARREST AT PRESIDENT HOUSE IN NEW DELHI

वरिष्ठ पत्रकार संजीव आचार्य

मैं भी मानता हूँ कि राहुल गांधी को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। उन्होंने अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। सुषमा स्वराज ने ठीक ही कहा कि आडवाणी जीफ़ उनके पिता तुल्य हैं और उन्हें राहुल के शब्दों से दुख हुआ। अच्छी बात है।

सुषमा जी जरा दिल पर हाथ रखकर बोलना की जिस आडवाणी की वजह से वो आज जो भी हैं, वो हैं, तो क्या पांच साल में कभी शर्म नहीं महसूस की कि उनका मोदी ने क्या बुरा हाल किया? इन पांच साल में डर के मारे आडवाणी के जन्मदिन पर उनके घर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पायीं? अब इसलिए बयान दिया कि चुनाव बाद अगर मोदी फिर से सरकार बना लें तो राज्यपाल का पद मिल जाये? अरूण जेटली, वेंकैया नायडू, सुषमा स्वराज, अनन्त कुमार, उमा भारती, ये सब आडवाणी की चमचागिरी करके ही भाजपा में बहुत सारे योग्य नेताओं को दरकिनार करते हुए शक्तिशाली बने। लेकिन शर्मनाक है कि इनमें से किसी ने भी विगत5 वर्षों में आडवाणी की दुर्गति पर चुँचपड तक नहीं की।

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