27वीं विश्व बैडमिंटन स्पर्धा में इस बार भारत को कौन दिलाएंगा पदक ?

विश्व नंबर 20 साईंप्रणीत को पहला ही मैच 22अगस्त को चौथे क्रम के ताईपेई के चोयु तैन चैन से खेलना है जिनसे वे अब तक हुए चारों मुकाबले में पराजित हुए हैं। 

धर्मेश यशलहा: 2014 से विश्व बैडमिंटन स्पर्धा में भारत को हर बार पदक मिले हैं, तो इस बार 27 वीं विश्व बैड मिंटन स्पर्धा में भारत के 26खिलाडियों में से कौन पदक लाएगा ? 2019की विश्व विजेता पी वी सिंधु के हटने से महिला एकल में तो पदक की उम्मीद पर पानी फिर गया है, वैसे पिछली बार दिसम्बर में 26वीं विश्व बैडमिंटन स्पर्धा में पी वी सिंधु भी क्वार्टर फाइनल में हार कर 2014के बाद पहली बार पदक रहित रही थी, लेकिन किदांबी श्रीकांत ने रजत और लक्ष्य सेन ने कांस्य पदक हासिल किया था, एच एस प्रणोय भी क्वार्टर फाइनल खेले थे।

टोक्यो, जापान में 22 से 28 अगस्त तक लक्ष्य सेन या एच एस प्रणोय या किदांबी श्रीकांत में से कोई एक ही, सात्विक साईंराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी इस बार भारत के लिए पदक के दावेदार हैं, 2019में कांस्य पदक प्राप्त बी साईंप्रणीत भी है, लेकिन विश्व नंबर 20 साईंप्रणीत को पहला ही मैच 22अगस्त को चौथे क्रम के ताईपेई के चोयु तैन चैन से खेलना है जिनसे वे अब तक हुए चारों मुकाबले में पराजित हुए हैं।

पिछले साल विश्व बैडमिंटन स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल खेले एच एस प्रणोय को दूसरे दौर में पूर्व विश्व विजेता दूसरे क्रम के जापान के केंतो मोमोता से और तीसरे दौर में आल इंग्लैंड उपविजेता लक्ष्य सेन से भिडना है, प्रणोय का पहला मैच विश्व नंबर 94 आस्ट्रिया के लुका वारबेर से है,राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन पहले दौर में विश्व नंबर 19 अनुभवी डेनमार्क के हेंस क्रिस्टेन सोलबर्ग विट्टिंघुस से से खेलेंगे ,लक्ष्य 2020 में हेंस क्रिस्टेन से दो बार तीन-तीन गेमों में हारने के बाद तीसरे मुकाबले में हरा चुके हैं, लक्ष्य ने 36वर्षीय हेंस क्रिस्टेन को इस साल इंडोनेशिया मास्टर्स (जून) में 21-10,21-18 से हराया है, विश्व उपविजेता किदांबी श्रीकांत का पहले दौर का मैच विश्व नंबर 39 आयरलैंड के नहत न्गुयेन से है अब तक हुए तीन मुकाबले में से श्रीकांत ने पहले दो मैच नहत से जीतने के बाद पिछले साल आल इंग्लैंड में तीन गेमों में गंवा दिया था, विश्व नंबर 13 श्रीकांत का नहत न्गुयेन से विश्व स्पर्धा में यह तीसरा मुकाबला है, श्रीकांत उन्हें 2018और 2019की विश्व स्पर्धा में दो बार हरा चुके हैं, अब इस बार भी जीतना चाहते हैं, श्रीकांत का दूसरे दौर में चीन के झाओ जुन पेंग से और तीसरे दौर में पूर्व आल इंग्लैंड विजेता, पांचवें क्रम के मलेशिया के ली जी जिआ से मुकाबला हो सकता है, लक्ष्य सेन, एच.एस.प्रणोय अच्छा खेल रहे हैं, भारतीय पुरुष खिलाडी भारत के पहली बार विश्व थामस कप पुरुष टीम खिताब हासिल करने से काफी उत्साहित हैं।

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भारत की जीत से शुरुआत होगी…
टोक्यो में भारत की शुरुआत जीत से होगी,ऐसी आशा है,भारत का पहला मैच अश्विनी पोनप्पा और सिकी रेड्डी का महिला युगल में विश्व नंबर 103 मालदीव की अमिनात और फातिमात नाबाह अब्दुल्ला रज्जाक बहनों से हैं, विश्व नंबर 25 अश्विनी पोनप्पा और सिकी फिर दूसरे दौर में विश्व नंबर एक दो बार की विश्व विजेता चीन की चेन क्विंग चेन और जिआ यि फान से खेलेगी, अश्विनी पोनप्पा इस स्पर्धा में 2011में गुट्टा ज्वाला के साथ खेलकर कांस्य पदक प्राप्त कर चुकी है, पूजा ढांडु और संजना संतोष पहले दौर में पेरु की जोड़ी से खेलेगी।

पहले दिन भारत के 10 मैच हैं, महिला एकल में पी वी सिंधु की अनुपस्थिति में भारत की चुनौती साइना नेहवाल और मालविका बंसोड़ रखेगी, विश्व नंबर 47 मालविका बंसोड़ को विश्व नंबर 21 डेनमार्क की लिने क्रिस्टोफेर्सेन से पहले दौर में खेलना है जिससे वे इसी साल टोयोटा थाईलैंड खुली स्पर्धा (मई) में पहला गेम जीतने के बाद तीन गेमों में हार गई थी,
साइना नेहवाल 16 सालों में एक बार ही नही खेली।

विश्व स्पर्धा में दो पदक हासिल कर चुकी साइना नेहवाल को 23 अगस्त को पहले दौर में हांगकांग की चेयुंग नगान यि से खेलना है, दोनों के बीच हुए चार में से तीन मैच साइना ने जीते हैं, 2015में साइना नेहवाल ने जब रजत पदक जीता था, तब पहले दौर में चेयुंग नगान को 21-13, 21-9 से हराया था, फिर वे 2016 की हांगकांग खुली स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में चेयुंग से हार गई थी, पिछले दोनो मैच साइना, चेयुंग से जीती है जो 2018और 2019 में हुए हैं।

32 वर्षीय साइना की विश्व रैंकिंग 33 हो गई है, 29 वर्षीय चेयुंग नगान की 50वीं विश्व रैंकिंग हैं, साइना नेहवाल ने विश्व स्पर्धा की तैयारी तो की है, पूर्व विश्व उप विजेता साइना यह मैच जीती तो दूसरे दौर में पूर्व विश्व विजेता जापान की नोझोमि ओकुहारा से खेलना है, छठवें क्रम की नोझोमि, साइना को 2017 की विश्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में हरा चुकी हैं,साइना पिछली विश्व स्पर्धा में ग्रोइन और घुटने की तकलीफ से पीड़ित होने से नही खेली , 15 सालों में 2021 में ऐसा पहली बार हुआ जब इस स्पर्धा में साइना नही खेली थी, इस बार फिर खेल रही है और स्पर्धा के लिए तैयारी भी की है।

पुरुष युगल में ध्रुव कपिला और एम आर अर्जुन को थाईलैंड की एवं अनुभवी मनु अत्री और बी सुमीत रेड्डी को जापान की जोड़ी से पहले दौर में खेलना है, दोनों भारतीय जोड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी से अब तक हुए एक-एक मुकाबले में जीती हैं, राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता सातवें क्रम के सात्विक साईंराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को पहले दौर में बाय मिला है, कृष्ण प्रसाद गर्ग और विष्णुवर्धन गोड पंजला पहले दौर में फ्रांसीसी जोड़ी से खेलेंगे।

मिश्रित युगल में ईशान भटनागर और तनिषा क्रास्टो जर्मनी की जोड़ी से एवं वेंकट गौरव प्रसाद और जुही देवांगन इंग्लैंड की जोड़ी से पहले दौर में खेलेगी, महिला युगल में ट्रेसा जोली और गायत्री गोपीचंद एवं शिखा गौतम और अश्विनी भट भी पहले दौर में जीत सकती है।  भारतीय बैडमिंटन संगठन महासचिव संजय मिश्रा को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी इस स्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, वे भी टोक्यो गए है, भारत के गिरीश नातु इस स्पर्धा के मुख्य निर्णायक है, वे राष्ट्र मंडल खेलों में भी बैडमिंटन के मुख्य निर्णायक थे।

सशक्त दावेदार

विश्व नंबर एक डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन टोक्यो से पिछले साल ओलंपिक स्वर्ण के बाद विश्व खिताब भी ले जाने के उत्सुक हैं , मौजूदा विश्व विजेता सिंगापुर के लोह कैन येव के लिए खिताब बचाना मुश्किल लगता है, 2018 के विश्व उपविजेता चीन के शी युकी 10 माह बाद खेलेंगे, महिला एकल में अकाने यामागुची अपने वतन में अपना विश्व खिताब बरकरार रखना चाहती है, ताईपेई की ताई त्झी यिंग का भी विश्व विजेता बनने का सपना हैं,ओलंपिक विजेता चीन की चेन युफेई भी सशक्त दावेदार हैं। जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, ताईपेई, मलेशिया, भारत और डेनमार्क के खिलाड़ियों की चुनौती रहेगी। भारत में स्पोर्ट्स 18 पर पहले दिन से ही विश्व बैडमिंटन स्पर्धा के मैचों का सीधा प्रसारण है, 22अगस्त को सुबह 5.30 बजे से सीधा प्रसारण हैं।