भारतीय कुश्ती के कई दिग्गज नेता बीतें दो दिनों से जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। इन खिलाड़ियों का आरोप है कि कुश्ती संघ उनका शोषण कर रहा है। साथ ही ये खिलाडी कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण को हटाने का मांग कर रहे है। पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर कुश्ती संघ को मनमाने तरीक़े से चलाने का आरोप लगाया है।

जंतर-मंतर पर देश को दुनियाभर से पदक जीतकर नाम करने वाले पहलवान धरने पर बैठे हैं। जिनमें पहलवानों में ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक के अलावा विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली विनेश फोगाट भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 महिला पहलावन भी भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं।

विनेश फोगाट ने रोते हुए बयां किया दर्द

आपको बता दें विनेश फोगाट ने एक चौंकाने वाले खुलासे में बुधवार को रोते हुए आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह कई वर्षों से महिला पहलवानों का यौन शोषण कर रहे हैं और उन्हें हटाने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के हस्तक्षेप की मांग की। ओलंपियन विनेश ने यह भी दावा किया कि लखनऊ में राष्ट्रीय शिविर में कई कोच ने भी महिला पहलवानों का शोषण किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में कुछ महिलाएं हैं जो डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के कहने पर पहलवानों से संपर्क करती हैं। हालांकि विनेश ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस तरह के शोषण का सामना नहीं किया है।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे खिलाडियों में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि महासंघ मनमाने ढंग से चलाया जा रहा है और जब तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को हटाया नहीं जाता तब तक वे किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे। बजरंग नेकहा कि हमारी लड़ाई सरकार या भारतीय खेल प्राधिकरण के खिलाफ नहीं है। हम डब्ल्यूएफआई के खिलाफ हैं। ये तो अब आर पार की लड़ाई है।

आइये जानते कौन है ब्रजभूषण सिंह ?

1. बृज भूषण सिंह की गिनती दबंग नेताओं में होती है। वे उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं और कैसरगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। छात्र जीवन से ही राजनीतिक तौर पर बेहद सक्रिय रहे बृज भूषण शरण सिंह का युवा जीवन अयोध्या के अखाड़ों में गुज़रा। पहलवान के तौर पर वे ख़ुद को ‘शक्तिशाली’ कहते हैं।

2 . कॉलेज के दौर में ही वे छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए और जहाँ से उनका सक्रिय राजनीतिक जीवन शुरू हुआ। 1991 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने जाने वाले बृज भूषण सिंह, 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में भी लोकसभा के लिए चुने गए। कुल मिलाकर वे छह बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं।

4. बृजभूषण ने पहली बार 1991 में भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ा था और आनंद सिंह को रिकॉर्ड 1.13 लाख वोट से हराया था। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के साथ मतभेद के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और 2009 के लोकसभा चुनाव में वे सपा के टिकट पर कैसरगंज से जीते। इसके बाद वे एक बार फिर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए।

5. बृज भूषण सिंह 2011 से ही कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष चुने गए। साल 2019 में वे कुश्ती महासंघ के तीसरी बार अध्यक्ष चुने गए थे। बीजेपी से जुड़ने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने अपनी छवि एक हिंदुवादी नेता के तौर पर बनाई और अयोध्या के बाबरी मस्जिद ढांचे को गिराने के अभियुक्त भी रहे। हालांकि सितंबर 2020 में कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

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6. बृज भूषण सिंह को महंगी एसयूवी गाड़ियों का बेहद शौक़ है और सूबे की राजधानी लखनऊ के लक्ष्मणपुरी इलाक़े में इनका एक आलीशान बंगला है जिसमें इनकी चमचमाती गाड़ियों को खड़ी करने के लिए जगह कम पड़ जाया करती है।

7. वहीं अतीत में बृज भूषण सिंह पर हत्या, आगज़नी और तोड़-फोड़ करने के भी आरोप लग चुके हैं। पिछले दिनों झारखंड में अंडर-19 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान एक रेसलर को उन्होंने मंच पर ही थप्पड़ मार दिया था।

8. बृज भूषण सिंह अपने बयानों को लेकर काफी सुर्ख़ियों में रहे है। 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने कहा था कि समाजवादी पार्टी को वोट दोगे तो पाकिस्तान ख़ुश होगा। बीते साल नवंबर में गोंडा में आयोजित एक कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “मैं गारंटी लेता हूं कि ओवैसी के पूर्वज हिंदू थे और उनके बाबा के पिताजी का नाम तुलसीराम दास था।

9. इसके अलावा बृज भूषण सिंह ने पतंजलि पर नकली घी बेचने का आरोप लगाया था जिसके बाद पतंजलि ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था और मांगने को कहा था लेकिन उन्होंने माफ़ी नहीं मांगी थी।

10 . भारतीय कुश्ती में बृज भूषण सिंह ने कुश्ती में अनुबंध व्यवस्था यानी कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम की शुरुआत की। इस व्यवस्था के तहत ग्रेड ए के खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये, ग्रेड बी के खिलाड़ियों को 20 लाख रुपये, ग्रेड सी के पहलवानों को 10 लाख रुपये और ग्रेड डी में 5 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है।