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जब लिटिल ‘अंजलि’ की दुआ हुई कबूल, सचिन तेंदुलकर की बेटी की कहानी

Posted on: 02 Jan 2019 10:54 by Surbhi Bhawsar
जब लिटिल ‘अंजलि’ की दुआ हुई कबूल, सचिन तेंदुलकर की बेटी की कहानी

धर्मा प्रोडक्शन की कालजयी फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’… फिल्म का वो बेहद मार्मिक दृश्य याद है ना। शाहरुख की बेटी यानी फिल्म की लिटिल अंजलि अपने पिता के खोए प्यार को वापस लौटाने के लिए प्रेयर करती है। उसकी दुआएं कबूल होती है और फिर फिल्म का हैप्पी एंडिंग होता है।

सचिन की जिंदगी में भी एक वक्त ऐसा आया था जब ‘टेनिस एल्बो’ ने उनके शानदार करियर को खतरे में डाल दिया था। सचिन अपने हाथ में बल्ला भी नहीं उठा पा रहे थे। 2004 के उस दौर में सचिन को लगने लगा था कि वो दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे। तब उनकी बेटी सारा ने पिता के लिए विशेष प्रेयर की थी। महज आठ या नौ साल की सारा ने पिता ने लिए जो किया था। वो एक बेटी के लिए उसके पिता क्या मायने रखते हैं। उसकी मिसाल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा।

दरअसल, सचिन उस दौर में पूरी तरह से निराश हो चुके थे। उन्हें डर सता रहा था कि अब वो दोबारा क्रिकेट के मैदान में खेलने के लिए उतर नहीं पाएंगे। उन्होंने खुद को इस बात के लिए तैयार करना शुरू कर दिया था कि वो अब उनका करियर खत्म हो रहा था। उस दौर में बेटी सारा ने अपने पिता के लिए जो किया वो सचिन कभी नहीं भूल पाएंगे।

दरअसल, सचिन की पत्नी अंजिल तेंदुलकर सप्ताह में एक दिन जरूर अपने घर के पास बने चर्च में जाती हैं। उन दिनों सचिन टेनिस एल्बो से उबरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, सारा, उनकी बेटी अपनी मां के साथ एक दिन चर्च गई थी। इसके पीछे सारा की एक खास मंशा थी। सारा ने किसी को बताए बगैर ‘टेनिस एल्बो’ के आकार की एक मोमबत्ती तैयार की थी। सारा ने उस दिन चर्च में ये खास मोमबत्ती जलाई थी। ताकि उसके पिता जल्दी से फिट होकर दोबारा क्रिकेट खेल सकें। बताते हैं सचिन को जब इस बार का पता चला तो वो ‘निशब्द’ हो गए थे।

सचिन ने ‘टेनिस एल्बो’ से उबरने के बाद अगले आठ साल तक क्रिकेट की दुनिया में राज किया।इस दौरान भारतीय टीम टेस्ट में नंबर वन और वर्ल्ड चैंपियन भी बनी।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज खांडेकर की फेसबुक वॉल से साभार

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