Breaking News

इंदौर के उद्योगपति से जब रतन टाटा ने कहा कि हम संपत्ति नहीं उद्योग बनाते हैं, वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की टिप्पणी

Posted on: 28 May 2018 11:00 by Ravindra Singh Rana
इंदौर के उद्योगपति से जब रतन टाटा ने कहा कि हम संपत्ति नहीं उद्योग बनाते हैं, वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की टिप्पणी

रतन टाटा, टाटा समूह का अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद अपनी जिंदगी एक अलग ही ढंग से जी रहे हैं रतन टाटा की ज्यादातर सुबहें अपने पालतू कुत्तों के साथ खेलने , संगीत सुनने और वह सारी छोटी-छोटी चीजें करने में बीतती हैं जिनके लिए पिछले कई सालों तक उनके पास समय की काफी कमी हुआ करती थी।

इस कार्यमुक्त जिंदगी के खुशनुमा हिस्से को भी अपने जीवन की नई शुरुआत बताते हैं लेकिन इन सबके बीच रतन टाटा इस बात को स्वीकार करते हैं कि वह आए दिन मीडिया में आने वाले भ्रष्टाचार की खबरें जो उनके मुताबिक भारत के नैतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही है से अप्रभावित नहीं रह पाते।

3 अरब डालर के एक कारोबारी घराने से 100 अरब डॉलर का एक विराट औद्योगिक समूह खड़ा करने वाले रतन टाटा इस बात को मानते हैं कि भारतीय उद्योगों ने अभी तक वह मुकाम हासिल नहीं किया है जिसकी उससे अपेक्षा थी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के मामले में भी भारतीय उद्योग जगत की संदिग्ध भूमिका को स्वीकार करते हैं।

उल्लेखनीय है कि रतन टाटा बेहद सीधे-सादे सरल इंसान है और उन्हें देखकर कभी यह नहीं लगता कि वह इतने बड़े घराने के स्वामी है

इंदौर से जुड़ा एक किस्सा याद आता है जब वह किसी बड़े उद्योगपति के घर भोजन के लिए आमंत्रित किए गए तो उस उद्योगपति ने अपने शानदार बंगले को दिखाते हुए रतन टाटा से कहा कि आज की तारीख में इसकी कीमत इतने करोड़ है तब रतन टाटा ने बेहद सादगी से उत्तर दिया कि आप संपत्ति बनाते हैं लेकिन हम देश के लिए उद्योग बनाते हैं हमारे लिए गर्व का विषय है हमारे उद्योग हैं।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com