जब आई लोक गीतों की बहार

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इंदौर शहर में  शुक्रवार  को वामा साहित्य मंच में सुमधुर मालवी गीतों की बहार आ गई. इस कार्यक्रम में मालवी, निमाड़ी ,अवधी , गुजराती, पंजाबी ,मराठी , राजस्थानी , पहाड़ी , मारवाड़ी, इत्यादि भाषाओं में मधुर और कर्णप्रिय लोकगीत प्रस्तुत किए गए। संगीत का सभी महिलाओं ने जमकर आनंद लिया। सभी महिलाओं ने एक से बढ़कर एक लोक गीतों की प्रस्तुति दी। आंचलिक भाषाओं की देशज शब्दावली में डूबे इन गीतों में संगीत की धुनों और ढोलक की थाप के साथ प्रकृति और मनुष्य जीवन के रागात्मक अंतःसंबंध की सुंदर संवेदनाएं थी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और रेमी जायसवाल द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मालती जोशी थी.

https://www.youtube.com/watch?v=5lATRpUIC2Y&feature=youtu.be

Ghamasan.com से खास बातचीत में कार्यक्रम की अध्यक्ष पदमा राजेन्द्र ने बताया कि कार्यक्रम मे 84 मेम्बर्स थे। करीब 45 ​महिलाओं ने लोक गीतों में भाग लिया। सभी महिलाओं को 2 से 3 मिनट का समय दिया गया था। उनकी संस्था हर महीने कार्यक्रम का आयोजन करवाती हैं।

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