Weather Update: अगले 24 घंटे में 29 जिलों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने इन राज्यों में अलर्ट जारी कर दी चेतावनी

मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों में भी बौछारें पड़ने की संभावना है तो करीब 21 जिलों में वृजपात की भी आकांक्षा व्यक्त की है।

देश मे कही जगहों पर मानसून अपना कहर दिखा रहा है। कई राज्यों में मानसून में मेहरबान होकर अच्छी बारिश की सौगात दी है। लेकिन कई जगहों पर बाढ़ ने तबाही का रूप ले लिया है जिससे आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कई जिलों को अलर्ट किया है। आपको बता दे कि गुरुवार को भी कई स्थानों पर अचानक झमाझम बारिश हुई, जिससे कि बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी बारिश का दौर जारी है।

बारिश होने से कई नदियों का जल स्तर बढ़ गया जिसमें चंबल, पार्वती, नर्मदा, बेतवा, क्षिप्रा, तवा नदियां लबालब भरी हुई है। जल स्तर बढ़ने की वजह से जिले भर में कई जगह पर बांधों के गेट भी खोले गए हैं, लेकिन जल स्तर ज्यों का त्यों ही बना हुआ है। जिससे कि निचले इलाकों में कई जगहों पर पानी भर गया है। हालांकि जिन स्थानों पर पानी भरा है, वहां पर राहत कार्य भी जारी है। जिले में कई जगहों पर बारिश होने की वजह से उमस भी बनी हुई और जल्द ही कई जगहों पर झमाझम बारिश भी हो सकती हैं।

इन स्थानों पर हुई बारिश

बीते 24 घन्टे ने मुताबिक कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। जिनमें भोपाल संभाग के अधिकांश स्थानों पर बारिश हुई है। वही नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन संभागों के कुछ स्थानों पर एवं सागर, मऊ, सारंगपुर, बालाघाट में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक 8 सितंबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर एवं पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जगहों पर गरज चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि 9 से 10 दिसंबर के दौरान भी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधि देखने को मिलेगी।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अगले 24 घंटे के अनुसार नीमच, मंदसौर, शहडोल, सागर, रीवा, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम संभागों के जिलों में एवं आगर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, रायसेन, कटनी, विदिशा, के कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में इन जिलों को चेतावनी दी है। जिसमें बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, सिवनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिंगरौली, शहडोल, सीधी, नर्मदापुरम, खरगोन, खंडवा, धार, भोपाल, रायसेन, पन्ना, दमोह, सीहोर, इंदौर, उज्जैन एवं देवास में वज्रपात की होने की संभावना है।

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इन राज्यों को किया अलर्ट हो सकती है भारी बारिश

मौसम विभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए राज्यों को चेतावनी जारी की है। जिसमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, ओडिसा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वही अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि गरज चमक के साथ इन स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग ने कर्नाटक आंध्र प्रदेश तेलंगाना केरल महाराष्ट्र ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

14 से 15 सितंबर तक हो सकती हैं बारिश

मौसम विभाग में अलर्ट जारी करते हुए आगामी दिनों में इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बताया जा रहा है कि मानसून ट्रक रेखा अपनी सामान्य स्थिति में चल रही है इस दौरान मानसून ट्रफ ट्रक रेखा जैसलमेर से होते हुए कोटा, गुना, सीधी, अंबिकापुर, झारसुगुड़ा, बालासोर से होते हुए पूर्व- दक्षिण पूर्व की ओर से बंगाल की उत्तरपूर्वी खाड़ी से निकल रही हैं। जिससे कई जगहों पर बारिश की गतिविधि देखने को मिलेगी।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 4 दिनों में 8 सितंबर से पूर्वी तट एवं महाराष्ट्र में तेज बारिश की हो सकती है। बताया है कि पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर एवं छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 8 से 10 दिसंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, कोकण में 10 सितंबर तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात, कच्छ में 10 सितंबर तक भारी बारिश और गरज चमक के साथ बारिश की भी संभावना है।

बंगाल की खाड़ी का हो रहा असर

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग पर चक्रवात बना हुआ है। जिससे मानसून ट्रफ भी हिमालय से नीचे आगया है और वर्तमान में मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा है। जिसके चलते मध्य प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर भी जारी है। लेकिन आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में जो चक्रवात बना हुआ है, जिसका क्षेत्र परिवर्तित हो सकता है। दरअसल इस पूरे सिस्टम की वजह से प्रदेश के मौसम पर भी असर पड़ रहा है। इस सिस्टम की वजह से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हुई है और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात की वजह से प्रदेश में भी नमी का असर बना हुआ है।

मानसून जल्द ही ले सकता विदा

मध्यप्रदेश में मानसून कई स्थानों पर मानसून लगातार सक्रिय है। लेकिन कई जगहों पर सूखे की स्थिति है हो सकता है कि 9 से 10 सितंबर तक पूर्वी मध्यप्रदेश में वर्षा की गतिविधियां कमजोर हो जाए हैं। बताया जा रहा है कि देशभर में मौसम इस बार जल्दी ही विदा हो सकता है। 17 सितंबर के बाद मानसून की गतिविधि समाप्त होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पूर्व में ही बताया है कि इस बार 10 से 15 अक्टूबर में राते सर्द हो सकती हैं।