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वायनाड से जुड़ी है गांधी परिवार की यादें, बेहद ख़ास है रिश्ता | Wayanad is associated with the memories of Gandhi family

Posted on: 04 Apr 2019 11:55 by Surbhi Bhawsar
वायनाड से जुड़ी है गांधी परिवार की यादें, बेहद ख़ास है रिश्ता | Wayanad is associated with the memories of Gandhi family

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज यानी गुरुवार को केरल की वायनाड सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। गौरतलब है कि राहुल गांधी अपनी परंपरागत सीट अमेठी के साथ-साथ वायनाड से भी चुनावी मैदान में उतरे हैं। भाजपा की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि राहुल हर के डर से केरल भाग गए है लेकिन राहुल यहां ऐसे ही नहीं आए बाकि वायनाड से पूरे गांधी परिवार का बेहद ख़ास नाता है।

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जुड़ी है यादें

वायनाड से गांधी परिवार का भावनात्मक रिश्ता रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से लेकर इंदिरा गांधी तक का यहां से लगाव रहा है। गांधी परिवार के वायनाड से रश्ते को देखते हुए ही शायद राहुल गांधी ने इस सीट को चुना है। वायनाड से राहुल गांधी की रणनीति केरल और तमिनाडु को साधने की भी है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज गुरुवार को केरल के वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। राहुल वायनाड ऐसे ही नहीं गए हैं बल्कि ‘गांधी परिवार’ का यहां से भावनात्मक रिश्ता रहा है। राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से लेकर दादी इंदिरा गांधी तक का यहां से गहरा लगाव रहा है। इसी के नाते राहुल ने वायनाड को चुना. साथ ही उनकी रणनीति यहां से केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक को साधने की भी है।

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पिता की अस्थि की थी विसर्जित

रह्हुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद उनकी अस्थि को वायनाड में ही विसर्जित किया गया था। पिता की अस्थि को विसर्जित करने राहुल गांधी खुद पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ वायनाड गए थे। यहां उन्होंने पहले थिरुनेल्ली मंदिर में पूजा अर्चना की और इसके बाद के. करुणाकरन के साथ पापनाशिनी नदी में अस्थि को विसर्जित किया था।

मिला था राजनीतिक फायदा

1991 में राजीव गांधी की ह्त्या के बाद कांग्रेस नेता के. करुणाकरन ने राजीव गांधी की अस्थियों के जरिए राज्य में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया था। इसी माहौल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा फायदा मिला था। लोकसभा चुनाव में राज्य की 20 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को 13 सीटें मिली थी। इसी तरह विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन को तगड़ा झटका लगा था और कांग्रेस राज्य की 140 में से 90 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी.। वही वामपंथी गठबंधन 50 सीट पर सिमट गया था।

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3 राज्यों पर नजर

राहुल गांधी करीब 28 साल बाद इस सीट पर अपनी किसमत आजमा रहे हैं। मौजूदा समय में कांग्रेस अपने राजनीतिक वजूद की लड़ाई लड़ रही है। वायनाड लोकसभा सीट केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक को भी टच करती है। वायनाड में खड़े हो कर राहुल की रणनीति केरल की 20 सीटों के अलावा तमिलनाडु की 39 और कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटों को साधने की है।

वोटो का गणित

वायनाड जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 8,17,420 की कुल आबादी है। इसमें 401,684 पुरुष और 415,736 महिलाएं शामिल हैं। वायनाड में हिंदू समुदाय की आबादी 404,460 यानी 49.48 फीसदी, मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या 2,34,185 यानी 28.65 फीसदी और ईसाई समुदाय की जनसंख्या 1,74,453 यानी 21.34 फीसदी है।

वही अनुसूचित जाति की बात करे तो जिले की कुल जनसंख्या में से 3.99 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है और 18.53 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग है। कुल आबादी के 96.14 फीसदी लोग शहर में रहते है वही 3.86 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में निवास करते हैं।

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