कट लगाकर तेजी से निकाला जा रहा कारम बांध से पानी, मुख्यमंत्री ने देर रात तक वल्लभ भवन से ली बाँध की जानकारी

धार के कारम नदी पर बने बांध को फूटने से बचाने के लिए पैरेलल चैनल बनाकर देर रात पानी निकालना शुरू कर दिया था। प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

धार के कारम नदी पर बने बांध को फूटने से बचाने के लिए पैरेलल चैनल बनाकर देर रात पानी निकालना शुरू कर दिया था। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। ऐहतियातन लुन्हेराफाटा से धामनोद तक का रास्ता बंद कर दिया गया था, जिसे देर रात फिर शुरू कर दिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी लगातार कारम बांध की स्थितियों की जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन की लगातार कोशिशें क़ामयाब हो गई हैं।

धार के कारम नदी पर बने बांध के निचले हिस्से में आने वाले 18 गांव को प्रशासन ने पहले ही खाली करवा लिया है। यहां से लोगों के साथ ही पशुओं को भी बाहर निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगातार वल्लभ भवन में कंट्रोल रूम से बांध के रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए है। सेना और एनडीआरएफ की टीम अलर्ट मोड पर है। नेशनल हाईवे एबी रोड समेत बांध के आसपास के छोटे रास्ते भी बंद कर दिए हैं। जिन गांवों में मुनादी करा कर अलर्ट किया गया था, उन गांवों की बिजली भी काट दी गई है। सभी अधिकारी मौके पर भी उपस्थित है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वल्लभ भवन से लगातार जानकारी ले रहे हैं। जहां से पानी लीकेज हो रहा था, वहीं से कट लगाकर पानी निकालने की योजना है।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि कहा कि सभी का यह मत है कि जनता की सुरक्षा को देखते हुए ऐसी स्थिति में बांध में पानी का रहना उचित नहीं है। इसलिए हमने फैसला किया है कि बांध को कट करके हम पानी निकालेंगे। बांध खाली करेंगे। कट करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है और हमने उसके पूर्व ही सभी 18 गांव पूरी तरह से खाली करवा लिए हैं। गांव में कोई भाई बहन ना रहे इसलिए हमारी पूरी टीम में घूम रही है। कलेक्टर, एसपी, एडीएम एसडीएम तहसीलदार, नायब तहसीलदार उनके साथ साथ हमारे पुलिस के जवान, होमगार्ड के जवान एसडीआरएफ की टीमें, एनडीआरएफ की टीम, आर्मी के कालम सब फील्ड में तैनात हैं और सुनिश्चित कर रहे हैं कि पानी निकलने वाला है। कोई गांव में ना रहे। हमने यह व्यवस्था भी की है की पशु कोई गांव में ना रह जाए। गाय बैल भैंस बकरी बकरा इनको भी निकालने की व्यवस्था की गई है।