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बनना चाहती थी पशु चिकित्सक बन गई देश की सबसे बड़ी अरबपति

Posted on: 08 Jan 2019 15:36 by Ravindra Singh Rana
बनना चाहती थी पशु चिकित्सक बन गई देश की सबसे बड़ी अरबपति

विजय कुमार

सोनिया गरवारे बचपन में पशु चिकित्सक बनने का सपना लेकर बड़ी हुई थीं, लेकिन जिंदगी जब मोड़ लेती है, तो आपको ऐसी जगह देती है, जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होती है। सोनिया आज ५० देशों में संचालित गरवारे पोलिस्टर की इंटरनेशनल ऑपरेशन की निदेशक हैं।गरवारे पोलिस्टर कंपनी की युवा, हंसमुख, गतिशील और चमकीले व्यक्तित्व की धनी सोनिया गरवारे के ये गुण उन्हें दूसरे से अलग करते हैं।

दक्षिण मुंबई के एक अपार्टमेंट में अकेली रह रहीं सोनिया का कहना है कि उनका अकेले रहना ही उन्हें अच्छे तरीके से अभिव्यक्त करता है। वे बहुत कुछ करना चाहती हैं। कंपनी के पचास से अधिक देशों में बिखरे काम को देखने के लिए उन्हें बहुत यात्राएं करनी होती हैं। उन्हें लंदन और मुंबई के बीच हफ्ते में दो और तीन बार आना-जाना पड़ता है।

सोनिया ने १९९७ में कंपनी का काम देखने से पहले ६ साल तक अमेरिका में अध्ययन और अकादमिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण से लौटने के बाद उन्होंने वास्तविकताओं की धरती पर समस्याओं के समाधानों को देखा और समझा। इस दौरान उन्हें यह अनुभव हुआ कि छोटे स्तर पर जो लोग समस्याओं का समाधान खोजते हैं, उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए। यह अनुभव एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद जल्दी ही उन्होंने १५०० करोड़ की गरवारे फर्म का निदेशक पद हासिल कर लिया। हालांकि जब वे पांच वर्ष की थीं, तब से फैक्ट्री जाती थीं। उन्हें लगता था कि वे यहां एक दिन जरूर काम करेंगी, लेकिन किशोर उम्र में उन्हें लगा कि कुत्तों के लिए डॉक्टर बनना चाहिए। यह सब उनका ख्याली पुलाव था, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था।

सोनिया के जीवन में पिता शशिकांत गरवारे की भूमिका नायक की है। जब कभी वे संशय में होती हैं, तो पिता से मिलकर सारी चीजों को सही स्थिति में कर पाती हैं, लेकिन उनकी मम्मी के साथ स्थिति बिल्कुल उल्टी है। वे जब भी उनसे कुछ कहती हैं, तो वे आपके सवाल का जवाब तो देती हैं, लेकिन फैसला नहीं देतीं। उनका मानना है कि जिंदगी आपकी, फैसला भी आप करें। इसीलिए सोनिया बहुत-सी बातें मां को नहीं बताती हैं। वे मानती हैं कि पिता उनके लिए लकी हैं। सोनिया का परिवार एकल था, लेकिन वे अपने चाचा-भतीजों के साथ खेलते-कूदते बड़ी हुईं। उनके परिवार में सामाजिक नियम-कायदे बहुत कठोर थे। आज भी अपने ऊपर उनका असर स्वीकार करती हैं। सोनिया का अपना मित्र सर्किल है, जो बड़ा नहीं है। इससे उनका बहुत समय बच जाता है। वास्तव में सोनिया गरवारे पूर्णत: कैरियर पर केंद्रित हैं, जिसके लक्ष्य बहुत ऊंचे हैं।

पारिवारिक जीवन में सैटल होने के बारे में उनकी राय एकदम अलग है। उनका कहना है कि वे इस मामले में बहुत ही ईमानदार होना चाहती हैं। जिन योग्य पुरुषों को उन्होंने पसंद किया, वे सब शादीशुदा निकले। हालांकि उनके दिमाग में अपने लिए एक स्केच है, जिसके अनुसार उनके लिए कोई मिलेगा। एक बात वे मानती हैं कि उनके पति में नैतिक मर्यादा का कठोरता से पालन करने का गुण होना चाहिए। अगर उनकी शादी इन सब मामले के अलावा उनके काम में डिस्टर्ब करने वाली हुई, तो वे शादी को निश्चित रूप से तोड़ देंगी, क्योंकि उनके माता-पिता शादी को एक मंदिर की तरह स्वीकार करते हैं। समाज कहता जरूर है कि उन्हें शादी कर लेनी चाहिए, लेकिन जब वे दुखी होंगी, तो आंसू पोंछने कोई भी नहीं आएगा।

सोनिया ऊंची उड़ान भरते हुए समाज की सदस्य हैं, लेकिन पूरी तरह धरती पर हैं। सोनिया को कई फैशन मैग्जीनों ने मॉडल की तरह छापा, लेकिन उन्हें असली आनंद तो तब आता है, जब कंपनी लाभ और टर्न ओवर के साथ आगे बढ़ती है।

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