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विरोध का ओपन माइक हो गई वाराणसी की सीट | Opposition Mike Hoops Varanasi Seat

Posted on: 19 Apr 2019 18:49 by Surbhi Bhawsar
विरोध का ओपन माइक हो गई वाराणसी की सीट | Opposition Mike Hoops Varanasi Seat

युवा रचनाधर्मियों के रचना पाठ का जरिया है ओपन माइक। नई पीढ़ी तो इससे परिचित है ही। ओपन माइक में सशुल्क पंजीयन कराने के बाद तयशुदा समय में आप कविता, कहानी, गीत, किस्सागोई कुछ भी कर सकते हैं। ऐसी ही स्थिति वाराणसी सीट की हो गई है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहीं से सांसद है और इस बार भी लड़ना ही है और प्रियंका वाड्रा के लड़ने की चर्चाएं चल ही रही हैं। लड़ना तय नहीं।

उत्तर से लेकर दक्षिण तक के ऐसे अनेक चर्चित नाम व संगठन हैं जो वहां चुनाव लड़ने पहुंच चुके हैं। ये लोग वोट जुटाएं न जुटाएं सुर्खियां जरूर बटोरने में कामयाब होते हैं। कल तक न्याय करते रहे करीब दर्जन भर न्यायाधीश मोदी के अन्याय के खिलाफ वाराणसी सीट से लड़ना चाहते हैं। इनमें मद्रास औऱ कोलकाता हाई कोर्ट के बहुचर्चित जज चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन शामिल हैं जो अवमानना के आरोप में जेल भी काट चुके हैं।

वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहते हैं।उन्होंने बीते साल अपनी पार्टी ऐंटी-करप्शन डायनैममिक का गठन किया था। वैसे 18 अप्रैल को ही चेन्नई सेंट्रल सीट से उनके भाग्य का फैसला मतदाता कर चुके हैं। सीमा सुरक्षा बल में घटिया खाने का वीडियो वाइरल कर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले अपने संगठन से बर्खास्त हो चुके पूर्व कॉन्स्टेबल तेज बहादुर यादव ने भी यहां से मैदान संभाल लिया है।

उधर दिल्ली में कभी गंदगी तो कभी अर्धनग्न होकर तो कभी कच्चा मांस खाकर तमिलनाडु के जलसंकट को और किसानों की समस्याओं को उजागर करने वाले 111 किसानों के संगठन के नेता अय्याकन्नू ने भी यहीं से चुनाव लड़ना तय किया है। इन लोगों ने 2017 से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर विचित्र आंदोलन कर जमकर सुर्खियां बटोरीं है। उम्मीदवारों का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता। दलितों के हितचिंतक के रूप में उभरे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी यहां रोड शो कर मुनादी कर चुके हैं कि ‘मोदी की हार का काउंटडाउन’ शुरूहो चुका है।

तीखे भाषणों से दलित युवाओं को रिझा रहे चंद्रशेखर बीते दिनों तब भी चर्चा में आए थे जब काग्रेस महासचिव प्रियंका उनसे अस्पताल जाकर मिलीं थीं। तेलंगाना के नालगोंडा और आंध्रा के प्रकाशम जिलों के फ्लोरोसिस से पीड़ित लोगों के प्रतिनिधि वड्डे श्रीनिवास और जलगम सुधीर भी चुनाव लड़ने पहुंचे हैं। दोनों ही राज्यों में फ्लोरोसिस एक बड़ा मुद्दा है और इन लोगों का मकसद इस मुद्दे की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। इतना ही नहीं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रफेसर और संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंबर नाथ मिश्रा गंगा सफाई के नारे के साथ चुनावी मैदान में हैं।

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