लखनऊ। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP assembly election) को कुछ ही समय बचा हुआ है। इसी कड़ी में अब समाजवादी पार्टी के नेता पर अब एक आरोप लगाया गया है। साथ ही समाजवादी पार्टी (SP) कार्यालय के बाहर उन्नाव की एख महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया है। दरअसल, महिला का आरोप है कि सपा सरकार के राज्यमंत्री रहे फतेह बहादुर सिंह (Fateh Bahadur Singh) के बेटे ने उनकी बेटी को अगवा कर लिया है। राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं अब पीड़िता की तहरीर पर सदर कोतवाली उन्नाव में अपहरण, एससी-एसटी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

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इस मामले की विवेचना सीओ सिटी कर रहे हैं। आपको बता दें कि, आरोपियों पर 47 दिन में कार्रवाई न होने से पीड़िता परेशान होकर सपा कार्यालय (SP Office) पहुंची थी। मौके पर मौजूद एसीपी हजरतगंज की टीम ने उसे पकड़ लिया। थाने लेकर गई, जहां पूछताछ के बाद उन्नाव पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वहीं एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) ने बताया कि, उन्नाव सदर कोतवाली के कांशीराम कालोनी में रहने वाले मुकेश की पत्नी रीता देवी ने आठ दिसंबर को सपा कार्यालय (SP Office) में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया कि कल्याणी देवी निवासी सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह उर्फ अरुण सिंह ने अपने कई साथियों संग मिलकर उसकी बेटी को अगवा कर लिया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। महिला का आरोप है कि पूर्व राज्यमंत्री के बेटे पर आरोप लगने के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी में टालमटोल किया जा रहा है।

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साथ ही पीड़िता ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में मंत्री रहे फतेह बहादुर सिंह के बेटे पर आरोप लगने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में वह शाम करीब चार बजे सपा कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने पहुंच गई। पीड़िता का आरोप है कि बेटी को अगवा करने वालो की गिरफ्तारी के लिए जिलाधिकारी से छह बार, एसपी उन्नाव व सीओ सिटी से पांच-पांच बार मिल चुकी है। लेकिन हर बार टालमटोल किया जा रहा है। पीड़िता ने बताया कि, इस मामले में स्थानीय विधायक पंकज गुप्ता से तीन बार गुहार लगाई थी। हालांकि उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।