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निर्दलीयों की वापसी पर सख्त कांग्रेस नेता, दी चेतावनी

Posted on: 22 Mar 2019 22:51 by Surbhi Bhawsar
निर्दलीयों की वापसी पर सख्त कांग्रेस नेता, दी चेतावनी

राज्य में कांग्रेस की सत्ता में वापसी से निर्दलीय और भितरघात करने वाले नेता वापसी के लिए बैचेन है।लेकिन कांग्रेस पार्टी अब धोखेबाजों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है ऐसे में भितरघात करने वाले नेताओं का पार्टी में पुनः प्रवेश खतरनाक हो सकता है।यदि पार्टी को आगामी लोकसभा चुनाव में उज्जैन-आलोट सीट को जीतना है तो जो लोग कांग्रेसी विधानसभा चुनाव में पार्टी छोड़कर चले गए थे और कांग्रेस के विरोध में काम किया उन्हें किसी भी प्रकार पार्टी में वापस नही लिया जाये।

उज्जैन कांग्रेस,क्षेत्र के कई विधायक और पार्षद,वरिष्ठ नेता निर्दलियों और विद्रोही कांग्रेसियों को वापस अपनी पार्टी में लाने के कुछ नेताओं के प्रयासों के सख्त खिलाफ है।नेताओं ने इसे लेकर हाई कमान के सामने कड़ा विरोध जताया है और इसका विपरीत प्रभाव लोकसभा चुनाव पर पड़ने की चेतावनी भी दी है।

वरिष्ठ नेताओं ने साफ किया है कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ भाग लेने वालों को यदि वापस लिया जाता है तो कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस छोड़ सकते है।ऐसे में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के जीतने की संभावनाएं भी धूमिल हो सकती है।यह विरोध उज्जैन शहर के साथ कई विधानसभा क्षेत्रों में सामने आया है।

वापसी का विरोध करने वालों में उज्जैन शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष वासुदेव रावल,पूर्व अध्यक्ष कैलाशचन्द्र सोनी, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के कार्यकारी अध्यक्ष ऋतुराज सिंह चौहान, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष विजय सिंह भेरुखेड़ा,सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष परमानन्द वर्मा, उज्जैन शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजेन्द्र कुवाल,जनपद पंचायत की पूर्व अध्यक्ष श्यामा पारेगी, जनपद पंचायत उज्जैन के पूर्व उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह सोनगरा, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य जवाहर मालवीय, जनपद पंचायत उज्जैन के पूर्व उपाध्यक्ष सुनील पटेल,भूमि विकास बैंक के पूर्व अध्यक्ष करण सिंह आंजना,शहर जिला कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अरुण रोचवानी,मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दीपक मेहरे सहित कई कांग्रेसी नेताओं और वर्तमान पार्षद शामिल है।इसके साथ ही अन्य विधानसभा क्ष्रेत्रों में झारडा के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम सिंह सामोरिया, कार्यवाहक ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष महिदपुर जितेन्द्र मंडोरा,जिला कांग्रेस के महामंत्री मोहनसिंह पंवार,महिदपुर के शहर कांग्रेस अध्यक्ष समीर बेग,मंडल अध्यक्ष शिव बोरलिया, मंडल अध्यक्ष रोड़ सिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सिंह बगदावत, मंडल अध्यक्ष रामसिंह चौधरी, मंडल अध्यक्ष पारस जैन,जिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष रीता बडगुर्जर,मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री सोहन बहन राजपूत और उज्जैन के अधिकांश कांग्रेसी पार्षद बेहद मुखर होकर सामने आये है। इन्होने बकायदा राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी को पत्र लिखकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों को पार्टी में वापस न लेने का आग्रह किया है ।

गौरतलब है कि इस समय उज्जैन जिलें की 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर कांग्रेस काबिज है।बाकि दो सीटें कांग्रेस से अलग होकर निर्दलियों के कारण भाजपा की झोली में चली गई।उज्जैन उत्तर से कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्र भारती के विरोध में झंडा उठाकर कांग्रेस पार्षद माया त्रिवेदी ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और इसीलिए यह सीट आसानी से भाजपा की झोली में चली गई और भाजपा के मंत्री पारस जैन चुनाव जीत गए ।उज्जैन दक्षिण से कांग्रेस के कद्दावर नेता और नगर निगम में प्रतिपक्ष के नेता राजेन्द्र वशिष्ठ को भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ हार का सामना करना पडा।इसका प्रमुख कारण कांग्रेस के एक नेता जय सिंह दरबार का निर्दलीय चुनाव लड़ना और भाजपा प्रत्याशी मोहन यादव की उनके साथ सांठगांठ को जिम्मेदार माना गया ।जयसिंह दरबार पर कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप पूर्व में भी लगते रहे है।इसके साथ ही घटिया विधानसभा क्षेत्र से सचिन पाटनी,बडनगर से वीरेंद्र सिसोदिया और सुरेन्द्र सिसोदिया,महिदपुर से दिनेश बोस के नाम पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है ।
आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी पार्टी को भारी पड़ सकती है।अत: निर्दलीय और भितरघात करने वाले नेताओं को पार्टी किसी भी तरीके से पुनः प्रवेश देने से बचे ।

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