विपिन नीमा

इंदौर। इंदौर के तरह तरह के स्वदिष्ट व्यंजन अपनी बेहतरीन खुशबू ओर लाजवाब स्वाद के लिए पूरे देश मे मशहूर है। खानपान के मामले में राजबाड़ा से लगा सराफा चौपाटी ओर 56 दुकान कई शहरों से आगे है। अगले माह इंदौर में दो बड़े प्रतिष्ठित इवेंट में आने वाले देशी – विदेशी मेहमानों को यहां के लजीज व्यंजनों का भरपूर आनंद मिलेगा।

हम दावे के साथ कह सकते है जब हमारे मेहमान यहां की सेर करने आएंगे तब स्वादिष्ट और शानदार पकवानों की बेहतरीन खुशबू ओर लाजवाब स्वाद इन्हें रोकने पर मजबूर कर देंगे। सबसे मुख्य बात यह है कि उक्त दोनो स्थानो पर भारतीय व्यंजन विभिन्न प्रकार की पाक कलाओं का संगम है। इसमें बंगाली, मारवाड़ी , दक्षिण भारतीय व्यंजन, आदि सभी सम्मिलित हैं। यहां पर मांसाहारी का कोई स्थान नही है।

स्वच्छता के साथ खानपान में भी नम्बर वन है इंदौर

देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर स्वच्छता के साथ साथ खानपान में भी नम्बर वन है इसीलिए इंदौर को चटोरो का शहर भी कहा जाता है। पोहा – जलेबी तो इंदौर की संस्कृति का एक हिस्सा है ही। इसके अलावा ढेरों फूड ऐसे है जिनका स्वाद और खुशबू से ही पेट भर जाता है , लेकिन मन नही भरता है। 56 दुकान ओर सराफा चौपाटी चटपटे , मीठे, आदि आइटमों से भरा पड़ा है।

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सराफा में घी की कढ़ाई में जलेबी तैरती रहती है वही 56 दुकान पर इंद्राणी ओर हीरामणि आकर्षित करती है। जब हमारे मेहमान सेर पर लनिकलेंगे ओर उनका सामना तरह तरह के व्यंजनों से होगा तब उन्हें इस बात की अहसास हो जाएगा कि इंदौर वाकई चटोरो का शहर है। जानते है सराफा चौपाटी ओर 56 दुकान दोनो खानपान वाले बाजारों में क्या खास है।

ओटलो पर सजते है शाही व्यंजन

इंदौर के सराफा बाजार की भी अपनी एक अलग पहचान है। दिन में सोने चांदी की चमक – दमक रहती है। लेकिन रात होते बाजार का पूरा स्वरूप ही बदल जाता है , क्योकि दुकान बंद होते हो दुकानों के ओटले शाही व्यंजनों से आबाद हो जाते है। यानी पूरा बाजार चौपाटी से सजधज जाता है। यहां पर मेहमानों के हर तरह के पकवान उपलब्ध है।

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देखे क्या – क्या मिलता है

मिठाईया – सीताफल की रबड़ी , घी में तैरती जलेबी, कलाकंद , चार तरह के हलवे ( बादाम का हलवा, खसखस का हलवा , मूंग की दाल का हलवा, गाजर का हलवा) माल पूवा , गुलाब जामुन , बासुंदी आदि मिठाई शामिल है। चटपटे आइटम – भुट्टे का किस, गरमागरम गराडू , साबूदाना की खिचड़ी , लच्छा टोकरी, मसालेदार फाफड़े, वेज सैंडविच , छोला टिकिया, मूंग के भजिये , दही बड़ा , ओर सबसे खास सराफा कार्नर का खट्टे समोसे । सीजनल आइटम – गजक , तरह तरह की कुल्फियां , गोला कुल्फी व अनेक प्रकार के आइसक्रीम आदि है।

किसी त्योहार से कम नही लगता है

सराफा चौपाटी के साथ अब फूल इंजॉय मेन्ट के लिए 56 दुकान भी शहर का चर्चित खानपान वाला व्यवस्थित मार्किट बन गया है। शहर के लोग यहां फूल एंजॉयमेंट के लिए आते है। यहां हर तरह के व्यजंन मौजूद है। हाल ही में निगम ने करोड़ो की लागत से विदेशी पैटर्न पर मार्किट को विकसित कर दिया। शाम होते ही पूरा मार्किट आबाद हो जाता है। यहां का माहौल किसी त्योहार से कम नही लगता है।

देखे क्या क्या मिलता है

मिठाइयां – हीरामणि , इंद्रमणि, राजभोग, शाही रसमलाई , रस गुल्ला , बादाम का हलवा , पूरन पूरी , चंद्रकला, शेखावाटी पेड़ा , मारवाड़ी लड्डू आदि है। चटपटे आइटम – पावभाजी, शाही पुलाव , चाट पपड़ी, पिज्जा , नूडल्स , मोमोस, मसाला डोसा, गाठिया चाट , राज कचोरी, बास्केट चाट सुकि पूरी , सेव पूरी , सबसे खास आइटम विजय चाट के पेटिस शामिल है।

सम्मेलन की मेज़बानी मिलना इंदौर के लिए गौरव की बात

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को भारत सरकार ने अपने सालाना आयोजन प्रवासी भारतीय सम्मेलन की मेजबानी सौंपी है। ये इंदौर के लिए काफी गौरव की बात है। इस सम्मेलन में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ साथ देशी – विदेशी मेहमान आ रहे है। शहर में मेहमानो के आने पर उनका भव्य तरीके से अतिथि-सत्कार करना इंदौर के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है।

प्रवासी भारतीय सम्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट प्रारंभ होने से पहले व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही है। इंदौर की प्रतिष्ठा वाले दोनों इवेंट में देश – विदेश से आने वाले मेहमानों का ख्याल रखने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी व्यवस्थाएं जुटाने में जुटी हुई है। सरकार दोनों आयोजनों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।