पिता की विरासत की जद्दोजहद के बीच किन्नर प्रत्याशी | Kinnar Candidate between Father’s Legacy

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देश की व्यवसायिक-वाणिज्यिक राजधानी मायानगरी मुंबई(mumbai) की उत्तर मध्य लोकसभा सीट एक बार फिर रोचक चुनावी मुकाबले को तैयार है। यहां अपने-अपने पिता की राजनीतिक विरासत के साथ कांग्रेस के सुनील दत्त की बेटी प्रिया दत्त और भाजपा के प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन यानी पूनम आनंदराव वजदला दोबारा एक-दूसरे को टक्कर दे ही रही हैं। इन दोनों के बीच एक किन्नर स्नेहा की मौजूदगी ने इस सीट पर सारे देश का ध्यान खींच लिया है।

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इस सीट से प्रिया दत्त 1995 में अपने पिता की मृत्यु के बाद चुनाव लड़ा और जीता था। उसके बाद वे एक हद तक राजनीति(politics) से विमुख ही हो गई थी। वहीं वे बीता चुनाव पूनम महाजन से हार गई थीं। दोनों के पास अपनी-अपनी राजनीतिक विरासत के साथ व्यक्तित्व की खूबियां भी है। पूनम महाजन भारतीय जनता युवा मोर्चा की अध्यक्ष हैं तो प्रिया दत्त भी कांग्रेस(congress) के अखिल भारतीय संगठन में पद संभाल चुकी है। दोनों की ही मतदाताओं से बेरुखी इस बार चुनावी मुद्दा बन सकती है। पूनम ने मोदी लहर में चुनाव जीतने के बाद कभी क्षेत्र में झांकने की कोशिश नहीं की। यहां तक कि वे फोन पर भी उपलब्ध नहीं होती थी।

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लगभग यही स्थिति या शिकायत प्रिया दत्त से भी कार्यकर्ताओं को रही है। इन दोनों के बीच महज 27 साल की किन्नर स्नेहा निवृत्ति काले ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल कर मुकाबले को रोचक और सीट को चर्चित बना दिया है। बताया जाता है कि इस सीट के मतदाताओं में करीब चालीस हजार किन्नर हैं। यदि ये सभी स्नेहा के लिए सक्रिय हो गए तो चुनावी प्रचार के नजारे तो निश्चित तौर पर दिलचस्प हो ही जाएंगे। यह पहला मौका है जब इस सीट से किसी किन्नर(transgender) ने भी चुनावी मुकाबले में उतरना तय किया है।

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कॉमर्स की ग्रेजुएट स्नेहा की शिकायत है कि आजादी के बाद से आज तक किसी भी सरकार ने उनके समुदाय के हितों के लिए कोई काम नहीं किया। यदि वह चुनाव जीतती हैं तो आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग, विधवाओं, सैनिकों और अपने समुदाय के विकास के लिए काम करेंगी। वैसे इस लोकसभा क्षेत्र की छह सीटों में से तीन भाजपा, दो शिवसेना और महज एक ही कांग्रेस के हाथ में है।

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