हिंदी के कालजयी लेखक गजानन माधव मुक्तिबोध का आज जन्मदिन है

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13 नवम्बर को मध्यप्रदेश के श्योपुर कस्बे में उनका जन्म हुआ था । उनके पिता माधवराव ग्वालियर स्टेट में कोतवाल थे और उनके तबादले होते रहते थे । मुक्तिबोध की मां पार्वती अशोकनगर जिले की ईसागढ़ कस्बे के किसान परिवार से थीं ।

मुक्तिबोध ने उज्जैन से मिडल की परीक्षा दी थी और वे फेल हो गए थे , इस असफलता का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा । उनका बचपन तो अच्छा गुजरा पर आगामी जीवन में उन्हें कठोर संघर्ष करना पड़ा । उनके जीवित रहते उनकी एकमात्र प्रकाशित पुस्तक पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रतिबन्ध लगा दिया था । उनका लिखा ज़्यादातर मरने के बाद ही सामने आ सका । अज्ञेयजी के तारसप्तक के वे पहले कवि थे । कविता की रचनाप्रक्रिया को लेकर धारावाहिक रूप से परसाई जी द्वारा संपादित वसुधा में लिखे लेखों का संग्रह ” एक साहित्यिक की डायरी ” कविता आलोचना की सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है । कविता , कहानी , आलोचना पर लिखा उनका सबकुछ मुक्तिबोध रचनावली के छः खण्डों में संकलित है । लम्बी बीमारी के बाद मात्र 47 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ । हिंदी के गौरव को बढ़ाने और कविता का एक नया रास्ता तैयार करने वाले महान लेखक मुक्तिबोध को सलाम ।

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