ऐसी राखी होती है भाई के लिए शुभ, रखें इन खास बातों का ध्यान

रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है। बहनों को एक महीने पहले से ही इस पर्व की प्रतीक्षा रहती है।

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भारत त्योहारों का देश है। यहां विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं। हर त्योहार अपना विशेष महत्व रखता है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार है। रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है। बहनों को एक महीने पहले से ही इस पर्व की प्रतीक्षा रहती है। इस अवसर पर विवाहित बहनें ससुराल से मायके जाती हैं और भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का आयोजन करती हैं। वे भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं तथा राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराती हैं। भाई प्रसन्न होकर बहन को कुछ उपहार देता है ।

आइए देखते है रक्षा बंधन का त्यौहार मनाने की तैयारी कैसे करे

सबसे पहले थाल में रोली, चन्दन, अक्षत, दही, रक्षासूत्र, और मिठाई रखें। रक्षा सूत्र और पूजा की थाल सबसे पहले भगवान को समर्पित करें। घी का एक दीपक भी रखें, इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह करवाकर बैठाएं। जिससे भाई की आरती करें। पहले भाई को तिलक लगायें ,फिर रक्षा सूत्र बांधें, फिर उसकी आरती करें। फिर मिठाई खिलाकर भाई की मंगल कामना करें।

रक्षासूत्र बांधने के समय भाई तथा बहन का सर खुला नहीं होना चाहिए। रक्षा सुत्र बंधवाने के बाद माता पिता और गुरु का आशीर्वाद लें उसके बाद बहन को अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार दें। यहां एक बात का खास ध्यान रखें कि उपहार में ऐसी वस्तुऐ दे जो दोनों के लिए मंगलकारी हो, काले वस्त्र तथा तीखा या नमकीन खाद्य न दें।

अब देखते है जो राखी आप बंधने जा रही वो कैसी हो।

रक्षासूत्र तीन धागों का होना चाहिए, लाल पीला और सफेद। अन्यथा लाल और पीला धागा तो होना ही चाहिए। रक्षासूत्र में चन्दन लगा हो तो बेहद शुभ होगा। कुछ न होने पर कलावा भी श्रद्धा पूर्वक बांध सकते हैं।

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