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ये है असली हीरो, 19 बार एक्सटेंशन व 10 साल लिया एक रुपया वेतन

Posted on: 10 Aug 2018 18:05 by Rakesh Saini
ये है असली हीरो, 19 बार एक्सटेंशन व 10 साल लिया एक रुपया वेतन

जालंधर : दस साल तक सिर्फ एक रूपया वेतन लेकर काम करने वाले देश सेवा का जज्बा रखने वाले अपने काम को बखूबी से करने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) मनमोहन सिंह है। इन्होंने सरकार की तरफ से 19 बार एक्टेंशन लिया है वहीं इनके पुत्र नार्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो रहें है, उनके पिता 86 साल के बाद भी मन से आज भी गबरू जवान है।

बता दे कि सेना से रिटायर होने के बाद वह 1987 में जालंधर में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी नियुक्त हुए। दरअसल एक वर्ष के कार्यकाल ख़त्म होने के बाद कोई नया अधिकारी इस पद पर आ जाता है, लेकिन मनमोहन की कार्यशैली व उत्साह को देखकर पंजाब सरकार ने उन्हें रिकॉर्ड 19 बार इस पद पर एक्सटेंशन दी। खास यह कि अपनी सेवाओं के अंतिम 10 वर्ष में उन्होंने मात्र 1 रुपया वेतन लिया।

उन्होंने 2013 तक इस पद पर सेवा दी उसके बाद उन्होंने प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग कैडर चलाए, जिनमें दाखिला लेने के लिए पंजाब एवं पड़ोसी राज्यों के युवाओं की कतारें लगती थीं। सेना से रिटायर होने के बाद भी उन्‍होंने 55 हजार युवाओं (लड़के-लड़कियों) को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षित किया है। बतौर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी उन्होंने पंजाब के युवाओं को आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, बीएसएफ और पंजाब पुलिस तक में कांस्टेबल से लेकर अधिकारी तक में भर्ती के लिए तैयार करवाया।

लड़कियों की जब सेना में ऑफिसर के रूप में एंट्री शुरू हुई तो उन्होंने लड़कियों के लिए भी विशेष ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत कि उसमें उनसे ट्रेनिंग लेकर कई लड़कियां फौज में चली गई। बीएसएफ ने देश भर में पहली महिला बटालियन स्थापित की तो उसमें भर्ती होने वाली 130 लड़कियां ऐसी थीं, जिन्होंने मनमोहन सिंह से ट्रेनिंग ली थी।

बीते 26 में जालंधर में गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी मनमोहन सिंह की ही देखरेख में होती है। एक बार फिर से वह गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

उनका कहना है कि देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, ‘मैं आखिरी दम तक देश की सेवा करना चाहता हूं युवाओं में भी ऐसा ही जज्बा देखना चाहता हूं यही जज्बा मुझे यंग बनाए रखता है. देश ने हमको बहुत कुछ दिया है। मैं आखिरी दम तक देश की सेवा करना चाहता हूं। युवाओं में भी ऐसा ही जज्‍बा देखना चाहता हूं। यही जज्‍बा मुझे यंग बनाता है।

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