इमरान खान का यह फैसला निराशजनक है

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15 दिन के अंदर ही कट्टरपंथी के दबाव में फैसला

पाकिस्तान को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रिंस्टन विवि के जाने-माने अर्थशास्त्री आसिफ मियां को आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया था . 15 दिन के अंदर ही मियां को आर्थिक सलाहकरा परिषद् से बाहर का रास्ता दिखा दिया। दरअसल इमरान ने कट्टरपंथी तत्वों के दबाव में फैसला लिया। . आसिफ मियां अहमदी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, कट्टरपंथियों के दबाव में उन्होंने यह फैसला लिया। पाकिस्तान के संविधान में अहमदियों को गैर-मुस्लिम घोषित किया गया है और उनकी मान्यताओं को कई प्रमुख इस्लामिक स्कूलों में ईशनिंदा माना जाता है। इमरान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘सरकार का यह फैसला निराशजनक है, उन्होंने एक मशहुर अर्थशास्त्री को दरकिनार किया है। सिर्फ इसलिए क्योंकि वह अहमदी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। दरअसल पाकिस्तान की खराब आर्थिक स्थिति को फिर से पटरी पर लाने के लिए पाकिस्तान की सरकार ने इमरान की अध्यक्षता में एक आर्थिक सलाहकार परिषद् का गठन किया है। जिसमें विदेंशी अर्थशास्त्रियों को भी जगह दी गई है।

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