लखनऊ के चुनावी दंगल में उतरे ये तीन दिग्गज, बनी सबसे हॉट सीट | Most HOT SEAT, made in the Lucknow Election ‘Electoral Battle’

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Luckhnow politics

केंद्र की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। गोमती नदी के किनारे बसे नवाबों के शहर कहे जाने वाले लखनऊ की सियासी लड़ाई इस बार बेहद दिलचस्प होने वाली है। लखनऊ लोकसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सियासी विरासत संभाल रहे भाजपा के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह ने एक बार फिर इस सीट से अपना नामांकन भरा है।

पूनम सिन्हा की एंट्री

लखनऊ लोकसभा सीट से भाजपा के राजनाथ सिंह के खिलाफ सपा-बसपा गठबंधन ने पूनम सिन्हा को मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि पूनम सिन्हा ने मंगलवार को ही समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। पूनम सिन्हा शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी है जो कुछ दिन पहले ही बीजेपी का दामन छोड़ हाथ के साथ चले गए है। हालांकि यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है और सपा-बसपा यहां से अपना खाता भी अभी तक नहीं खोल पाई है। पूनम सिन्हा बिहार की पटना की रहने वाली हैं और मुंबई में रह रही हैं।

दिलचस्प है लखनऊ की सियासी लड़ाई

पूनम सिन्हा की इस सीट पर एंट्री के बाद यहां की सियासी लड़ाई में दिलचस्प मोड़ आ गया है। इस सीट से तीनों उम्मीदवार बाहर के है। सपा ने कायस्थ मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए पूनम सिन्हा पर दांव खेला है और वह पटना की रहने की वाली है। वही कांग्रेस ने ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाताओं में ध्यान में रखकर आचार्य प्रमोद कृष्णम पर भरोसा जताया है और वह यूपी के संभल के रहने वाले है। भाजपा के उम्मीदवार राजनाथ सिंह मूलरुप से चंदौली के रहने वाले हैं।

ऐसा है इतिहास

लखनऊ लोकसभा सीट पर 1991 से भाजपा काबिज है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 तक लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करते रहे। यहां से अटल जी को ना तो राजबब्बर मात दे सके, न ही मुजफ्फर अली और न ही राजा कर्ण सिंह। 2009 में यहां से भाजपा के लाल जी टंडन जीतकर संसद पहुंचे। 2014 में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को करीब पौने तीन लाख वोटों से मात दी और इस बार वह फिर लखनऊ की सियासी रणभूमि में उतरे हैं।

ऐसा है राजनीतिक समीकरण

लखनऊ लोकसभा सीट के राजनीतिक समीकरण को देखें तो यहां मुस्लिम समुदाय की आबादी ज्यादा है। मुस्लिम 20 फीसदी, अनुसूचित जाति 14.5 फीसदी, ब्राह्मण 8 फीसदी, राजपूत 7 फीसदी, ओबीसी 28 फीसदी, वैश्य 10 और अन्य 12 फीसदी मतदाता हैं। इस लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र आते है. इन सभी पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है।

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