शब्दों के जादूगर ये नन्हे-नन्हे लेखक इनकी लेखनी ने कर दिया है कमाल

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हमारे देश में बाल प्रतिभाओं की कमी नहीं है इन दिनों 10 से 15 वर्ष के बच्चे गजब ही कर रहे हैं. अमेरिका में समायरा मेहता जो 10 साल की है उसने कोडिंग जगत को एक नई दिशा दे दी है। समायरा के बारे में कहा जाता है उन्होंने कोडर बनीज इस नाम का एक गेम बनाया और इससे उन्हें भारी कमाई हुई हाल ही में गूगल ने उन्हें जॉब देने का ऑफर भी दिया है।

भारत में भी कई बाल प्रतिमाएं अपने लेखन से नए आयाम स्थापित कर रही हैं आइए मिलते हैं इन भारतीय प्रतिभाओं से ‘हनीकॉम्ब’ के 5 वर्षीय लेखक असम के अयान गोगोई गोहैन का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज।

सोलन (हिमाचल) की 15 वर्षीय निकिता गुप्ता ने लिखा उपन्यास ‘वी आर इम्परफैक्टली परफैक्ट’ और कविता की किताब- ‘सलाद डेज, अ साउंटर’। कानपुर के 16 वर्षीय ईशान शर्मा ने एपीजे अब्दुल कलाम पर लिखी पुस्तक- ‘द टीचर आई नेवर मेट’। (चित्र में अयान, निकिता और ईशान)

वरिष्ठ पत्रकार अर्जुन राठौर की कलम से

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