देश में है ऐसा चमत्कारी मंदिर जहां मुर्दा भी जिंदा होता है

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देश में चमत्कारों की कमी नहीं है। यहां आपको हर गांव हर राज्य में ऐसे कई मंदिर मिलेंगे जो की चमत्कारों से भरपूर होगे। और इनके प्रति भक्तों की आस्था से यह चमत्कार सत्य का रुप भी ले लेते है। आज भी हम आपकों ऐसे ही एक चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसके चमत्कार के आगे वैज्ञानिक भी हैरान है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां मृत शरीर में भी जान आ जाती है। हमारी बाते पढ़कर हो सकता है आपको यकिन ना हो पर यह सच है और यहां यह चमत्कार हुआ है। आइए जानते है इस मंदिर के बारे में और भी नजदिक से।

यहां स्थित है चमत्कारी मंदिर

यह मंदिर देहरादून से 128 किमी की दूरी पर स्थित लाखामंडल नामक स्थान पर यमुना नदी की तट पर बर्नीगाड़ नामक जगह से केवल 4-5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर हरी भरी घनी वादियों के बीचो बीच एक चमत्कारी शिवलिंग है। इस शिवलिंग को लेकर लोगो का कहना है कि यहाँ पर जब खुदाई की गयी थी तो यहाँ से हजारो की संख्या में शिवलिंग निकले थे और वे शिवलिंग आज से हजारो साल पुराने थे।

महाभारत के समय से है यह मंदिर

इस चमत्कारी जगह को लेकर महाभारत में भी लिखा गया है। महाभारत के आनुसार यहाँ पर पांडवो को जिन्दा जलाने के लिए कौरवो ने लाक्षागृह बनवाया था। पांडव शिव भक्त थे और इसीलिए उन्होंने अज्ञातवास के दौरान खुद युधिष्ठिर ने यहाँ पर शिवलिंग स्थापित किया था जिसे महामंडेश्वर मन्दिर कहा जाता है ये देखने में बहुत ही खुबसूरत है।

ऐसे आती है मुर्दा शरीर में जान

इस मन्दिर को लेकर लोगो की मान्यता है कि यदि किसी मृत व्यक्ति की लाश को इसकी चैखट पर रखकर पुजारी उसपर गंगा जल छिडक दें तो कुछ समय के लिए उस मृत आदमी की आत्मा उसके शरीर में आ जाती है।

कई लोगो के साथ हो चूका है ये चमत्कार

मृत शरीर में जैसे ही आत्मा आती है वहां के पुजारी उसे गंगाजल पीला देता है और वह भगवान का नाम लेकर उस शरीर को त्याग देती है। कई लोगों के साथ यह प्रक्रिया की गई है ऐसा वहां के स्थानीय लोगो का कहना है। इसी कारण यहाँ पर लोग मृतजनों को लेकर आते है और भगवान का गंगाजल पीते देखते है। कहा जाता है कि यह जल मृत लोगों को ही दिया जाता है।

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