ये है चीन का वो टेलिस्कोप जिसको मिल रहे अंतरिक्ष से रहस्यमय सिग्नल

चंद्रयान 2 के लैंडर से संपर्क टूटने के बाद करीब 60 घंटे बाद चीन के सबसे बड़े टेलिस्कोप को सीधा अंतरिक्ष से रहस्यमय सिग्नल मिलने की जानकारी देकर सबको हैरान कर दिया हैं।

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चीन में एक ऐसा टेलिस्कोप है जिसको सीधा अंतरिक्ष से सिग्नल मिल रहे हैं। बता दे कि चंद्रयान 2 के लैंडर से संपर्क टूटने के बाद करीब 60 घंटे बाद चीन के सबसे बड़े टेलिस्कोप को सीधा अंतरिक्ष से रहस्यमय सिग्नल मिलने की जानकारी देकर सबको हैरान कर दिया हैं। दरअसल अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि यह रहस्‍यमय सिग्‍नल के पीछे क्‍या राज़ है। हम जिस टेलिस्कोप की बात कर रहे है वो भी अपने आप में बेहद खास हैं।

बता दे कि ये टेलिस्कोप चीन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित गुइझोऊ में लगा हुआ हैं। इस टेलिस्कोप का नाम है फ़ास्ट। दरअसल फ़ास्ट का मतलब है कि फाइव हंड्रेड मीटर एपरेचर स्‍फेरिकल रेडियो टेलिस्‍कोप। इसकी सबसे अच्छी खासियत का अंदाज़ा कुछ इस तरह लगा सकते हैं। बता दे कि यह अब तक करीब 44 नए पल्‍सर की खोज कर चुका है, साथ ही बता दे कि पल्‍सर तेजी से घूमने वाला न्यूट्रॉन या तारा होता है जो रेडियो तरंग और इलेक्‍ट्रोमेग्‍नेटिक रेडिएशन उत्सर्जित करता है।

दरअसल, इस टेलिस्‍कोप को जो सिग्‍नल मिल रहे हैं उसको वैज्ञानिक भाषा में फास्‍ट रेडियो बर्स्‍ट कहते हैं। इसका मतलब है कि ये रहस्‍यमय सिग्‍नल हैं जो सुदूर ब्रह्मांड से आते हैं। हालांकि, इन संकेतों का लैंडर से कोई लेना देना नहीं है क्‍योंकि यह चांद से भी कई गुणा दूर है। आपको बता दें कि चांद की पृथ्‍वी से दूरी करीब 384,400 किमी है।

ये हैं टेलिस्कोप खासियत –
गौरतलब है कि इस टेलिस्‍कोप को एक प्राकृतिक रूप से बने सिंकहोल की जगह बनाया गया है। इस टेलिस्‍कोप ने 2016 से काम करना शुरू किया था और यह दुनिया का सबसे बड़ा फाइल्‍ड रेडियो टेलिस्‍कोप है। साथ ही यह दुनिया का दूसरे नंबर का सिंगल एपरेचर टेलिस्‍कोप भी है। बता दे कि, इस टेलिस्‍कोप में 4450 ट्राइउंगलर पैनल लगे हैं जिनका दायरा करीब 500 मीटर या 1600 फीट है। इसका आकार 30 फुटबॉल ग्राउंड के बराबर है। हालांकि इसको 2011 में बनाना शुरू किया था उसके बाद ये साल 2016 में सबके सामने आया।

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