Breaking News

बदलाव का पहला नाम स्वप्निल कोठारी

Posted on: 11 Oct 2018 20:04 by mangleshwar singh
बदलाव का पहला नाम स्वप्निल कोठारी

भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश में 15 साल पुरानी सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की निष्क्रियता से परेशान आम लोगों ने बदलाव लाने का मूड बना रहे हैं। ऐसे में उनकी नजर सामाजिक क्षेत्र के साफ़-सुथरे युवा चेहरों पर टिकी हुई हैं। इसी मूड को भांपते हुए और बदलाव की आवाज को सूर देने के लिए 40 वर्षीय स्वप्निल कोठारी ने मैदान पकड़ने का फैसला किया हैं। वह फिलहाल रेनेसा महाविद्यालय के कुलाधिपति है। अबतक 48 हजार छात्र-छात्राओं को पढ़ा चुके है। इस नाते उनका पढ़े-लिखे युवाओं और उनके परिवारों में संपर्क हैं।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू हुआ है कि स्वप्निल कोठारी को इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 से चुनाव लड़ना चाहिए। ये आवाज उन युवाओं की तरफ से आई है जो बदलाव चाहते है और भाजपा-कांग्रेस और अन्य पार्टियों से परेशान हो चुके हैं। आरक्षण-जातिवाद, दुर्भावपूर्ण राजनीति से परेशान युवाओं ने स्वप्निल कोठारी का हाथ थमने का संकप लिया हैं।

Swapnil Kothari

रोजाना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 के युवा सोशल मीडिया पर सर्वे कर रहे है कि स्वप्निल कोठारी को ही चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। हमें जब इस बात की खबर लगी तो हमने सीधे स्वप्निल कोठारी से बात की। उन्होंने कहा कि ये बात सही है। मैं चुनाव लड़ रहा हूं, इसकी जरुरत क्यों पड़ी ये जानने के लिए आपको मेरे दफ्तर आना पड़ेगा।

जब हम उनके दफ्तर पहुंचे तो देखा कि कई युवा काम कर रहे है। बात शुरू हुई तो सवाल पूछा कि आप चुनाव लड़ रहे हैं? तो जवाब आया कि ऐसा सवाल क्यों पूछ रहे हो और मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो? मैंने कोई गलती कर दी है क्या? फिर दूसरा सवाल था, बीजेपी से या कांग्रेस के टिकट पर? स्वप्निल कोठारी ने जवाब दिया मैं आजाद हूं और आजादी से ही चुनाव लडूंगा। उनका इशारा निर्दलीय चुनाव लड़ने की ओर था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मैं विधानसभा 5 के लोगों को समस्याओं से आजादी दिलाना चाहता हूं, उनमे सुरक्षा और बदलाव का भाव लाना चाहता हूं। जब उनसे पूछा कि निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे तो जीत पाएंगे? जवाब आया मैंने इसकी चिंता नहीं की है, मैं तो युवाओं की आवाज पर चुनाव लड़ने जा रहा हूं। बदलाव चाहता हूं, जीवन में खुद सबकुछ पा लिया है अब समाज के लिए कुछ करना चाहता हूं। मेरी तो काफी पहले से ही यह इच्छा थी कि चुनाव लड़ा जाए पर थोड़ी देर हो गई। अब मैं चुनाव लड़ने को तैयार हूं।

Swapnil Kothari

जब स्वप्निल से पूछा गया कि क्यों चुनाव लड़ना चाहते है तो कहने लगे शुरू से ही क्षेत्र क्रमांक 5 में रहता आया हूं। क्षेत्र के लोगों से मेरा सतत संपर्क है। मेरे अधिकांश विद्यार्थी इसी क्षेत्र में रहते है, वह मेरी ताकत है। मैं किसी सामाजिक ताने-बाने और भटकाव के आधार पर चुनाव नहीं लड़ना चाहता। बदलाव के लिए मैदान संभालने जा रहा हूं। राजनीति से हटकर हमेशा जो लोग बाते करते है या चुनाव से दूर भागते है, मेरा मानना है कि ऐसे लोग डरपोक और स्वार्थी होते हैं। मैं ऐसा नहीं हूं। समाज के लिए कुछ करना चाहता हूं, इसलिए डरपोक नहीं हूं, मेरे साथ युवाओं की ताकत है।

Swapnil Kothari

जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है? तो उन्होंने कहा कि मेरे संबंध सबसे मधुर है और आगे भी रहेंगे। मैंने किसी भी पार्टी के नेता से कोई बात नहीं की हैं। इस सवाल के जवाब में कि आप यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति है, आपका काम बच्चों को पढ़ाना और आगे बढ़ाना है आप चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? तो बोले शिक्षक मेरे दिल में बस्ता है, मैं उससे कभी दूर नहीं हो सकता। लेकिन अब समाजसेवा भी करना चाहता हूं और उसके लिए राजनीति जरुरी है। मैं विधायक बनू न बनू कोई फर्क नहीं पड़ता। जो युवा परेशान है और बदलाव चाहते है उनको नेत्रित्व देना चाहता हूं। किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत होती है तो लोग मजाक ही उड़ाते है लेकिन जब बदलाव हो जाता है तो मजाक उड़ाने वाले वाही लोग सलाम भी करते हैं।

 

कोठारी ने बताया कि मैंने एक साल से पूर्णअभ्युदय नाम की संस्था बनाकर क्षेत्र 5 की बस्ती और मोहल्लों में काम शुरू कर दिया था। जब-जब मुझसे बना मैंने काम किया। किसी से चंदा और सहयोग नहीं लिया हैं। मैंने सिर्फ युवाओं का साथ पकड़ा है, जिस क्षेत्र से मेरे पास जिस चीज की जरुरत की बात सामने आई मैंने उसे पूरी करने की कोशिश की हैं। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव लड़ना कोई मजाक है। आप कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की तरह चुनाव लड़ेंगे? तो उन्होंने कहा कि मैं गंभीरता से चुनाव लडूंगा। मैं निर्दलीय से चुनाव लडूंगा इसका मतलब ये नहीं कि मेरी तैयारी नहीं है। जो तैयारी की है वो आपको चुनाव में दिखाई देगी। ये सही बात है कि मैं गुंडे-बदमाशों का सहयोग नहीं लूंगा, किसी माफिया से पैसा नहीं लूंगा, चुनाव में चंदा भी नहीं करूँगा। मेरे पास बूथ पर बैठने के लिए युवाओं की फौज है, उनके भरोसे मैदान में उतरूंगा और लोगों से मिलकर कहूंगा कि यदि आप बदलाव चाहते है तो मेरे साथ आइये, मेरा साथ दीजिए। चुनाव जीतने-हारने मुझे की चिंता नहीं है, यदि लोग बदलाव चाहते है तो मैं उनके लिए माध्यम बनना चाहता हूं। मैं हर संघर्ष के लिए तैयार हूं, मेरा संघर्ष शांतिपूर्वक होगा और एक शिक्षक की तरह समझाने का तरीका रहेगा। मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से युवा मेरे लिए सोशल मीडिया पर काम कर रहे है वैसे ही वह घर-घर जाकर वोट भी मांगेंगे। विधायक बनने से क्या फायदा होगा इस सवाल का जवाब हंसते हुए उन्होंने ये दिया कि मुझे विधायक बनने कि क्या जरुरत है। मैं अच्छी पोजीशन पर हूं। चार्टेड अकाउंटेंट रहते हुए, कॉलेज का प्रिंसिपल और कुलाधिपति रहते हुए बच्चो को शिक्षा देने का काम किया हैं। जब मैं इतना सामान पा चुना हूं, मुझसे पढ़े हुए विद्यार्थी लगातार संपर्क में रहते है जो मेरी बड़ी पूंजी है इसलिए मेरे विधायक बनने से सम्मान बना रहेगा। फिर भी एक बदलाव की जरुरत है और एक बदलाव लाने की कोशिश कर रहा हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं गलत कर रहा हूं।

सामाजिक कार्य:
पूर्ण अभ्यूदय संस्था के माध्यम से श्री कोठारी सामाजिक गतिविधियो को गति दे रहे है बाणगंगा स्थित मनोज चिकित्सालय में ​मरिजों को मिलने वाले ​भोजन की गुणवत्ता को देखते हुए वहां गैस चूल्हा भट्टी उपलब्ध कराई गई भागीरथपूरा में बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है जिसका लाभ दो सौ बच्चे उठा रहे है।

हम अक्सर इस बात को लेकर निराश रहते हैं कि राजनीति में अच्छे लोग नही आते, राजनीति में गुंडे और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग ही आते हैं पर इस बार भास्कर ने एक मुहिम चलाई है कि अगर आपके प्रत्याशी चयन भी आपके हाथ मे हो तो आप किसे चुनेंगे।

इस मुहिम में मेरे बचपन के दोस्त और इंदौर शहर के जाने माने शिक्षाविद स्वप्निल कोठारी का नाम इंदौर विधानसभा -5 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में प्रस्तावित कर रहे हैं। आप भी नीचे दी हुई लिंक पर क्लिक कर नॉमिनेट कर सकते हैं।

प्रत्याशी – स्वप्निल कोठारी
जिला – इंदौर
विधानसभा – इंदौर- 5
पार्टी – निर्दलीय

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com