Breaking News

LS Polls: पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए ‘सेमीफाइनल’ मुकाबला, ऐसे उठाएगी फायदा | The ‘semi-final’ fight for the BJP in West Bengal, will take such advantage

Posted on: 27 Mar 2019 18:10 by Surbhi Bhawsar
LS Polls: पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए ‘सेमीफाइनल’ मुकाबला, ऐसे उठाएगी फायदा | The ‘semi-final’ fight for the BJP in West Bengal, will take such advantage

सत्ता के फाइनल यानी 2019 लोकसभा चुनाव में जीत के लिए राजनीतिक पार्टियां एड़ी-छोटी का जोर लगा रही है। चुनाव प्रचार में नेताओं की जुबानी जंग भी जारी है। इस चुनाव में भाजपा भले ही दोबारा सत्ता पाने के लिए लड़ रही हो लेकिन पश्चिम बंगाल में भापार्टी के लिए यह चुनाव सेमीफाइनल मैच जैसा है। गौरतलब है कि 2021 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होना है और इससे पहले भाजपा ममता बनर्जी के सामने अपनी स्थति मजबूत करने में जुटी हुई है।

must read: भोपाल का तो नहीं पता पर इंदौर से मैं या मोदी जी लड़ेंगे चुनाव: सुमित्रा महाजन | Lok Sabha Elections 2019 Sumitra Mahajan says PM Modi will contest from Indore

TMC से सीधा मुकाबला

पश्चिम बंगाल में भाजपा का सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के बीच होगा। राज्य में कांग्रेस और माकपा की गुटबाजी ने भाजपा को एक आक्रामक विपक्षी दल के रूप में उभरने में मदद की है।. भाजपा और टीएमसी का सीधा मुकाबला अब कूचबिहार, अलीपुरद्वार, रायगंज, बलूरघाट, दक्षिण मालदा, मुर्शिदाबाद, कृष्णानगर, राणाघाट, बसीरहाट, बैरकपुर, आसनसोल, पुरुलिया, झारग्राम, बांकुरा और मिदनापुर जैसे संसदीय क्षेत्रों में होगा।

 

सत्ता विरोधी लहर का फायदा

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी पश्चिम बंगाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। खास बात तो यह है कि यह भूमि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की है। बावजूद इसके 2014 के चुनाव में पार्टी 17 प्रतिशत वोटों के साथ मात्र 2 सीटें जीतने में कामयाब हो पाई थी। हालांकि पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस और वामा मोर्चा को पीछे छोड़ दिया था। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि उसे राज्य में सत्ता विरोधी लहर का फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं उसने दो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप तक लगा दिया है। उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 34 साल तक राज्य में राज करने वाले मामा मोर्चा को 2011 में उखाड़ फेंका था।

must read: राजस्थान : 12 विधायक सहित भाजपा-बीएसपी नेताओं ने बदला पाला, कांग्रेस में हुए शामिल | Rajasthan: BJP-BSP leaders including 12 MLAs joined Congress

बढे भाजपा के वोट शेयर

2009 के लोकसभा चुनाव की तुलना में देखा जाए तो 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सीपीएम के वोट शेयर में गिरावट दर्ज हुई थी तो वही भाजपा और टीएमसी के वोट शेयर बढे थे। कांग्रेस को 22 फीसदी वोट का और सीपीएम को 10 फीसदी वोट का। वही भाजपा के वोट शेयर 14 फीसदी और टीएमसी के वोट शेयर 17 फीसदी बढे थे।

धार्मिक हुआ चुनावी मुद्दा

2016 के बाद उत्तरी बंगाल में मुद्दों में तेजी से बदलाव आया है। यहां पहले चुनावी मुद्दे अमीर और गरीब के हुआ करते थे लेकिन अब चुनावी मुद्दा धार्मिक हो गया है। मालदा के कालियाचक में सांप्रदायिक हिंसा और इस्लामपुर के दरिवित में शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर विवाद के दौरान पुलिस की गोलीबारी में हुई 2 लोगों की मौत के मुद्दों ने पूरा नैरेटिव ही बदल दिया।

must read: गोवा में फिर सियासी ड्रामा, MGP के दो विधायक BJP में शामिल | MGP’s two MLAs join BJP

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com