देश के विभिन्न राज्यों में लागू कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम (Pension Scheme) से अधिकतम कर्मचारी ना तो खुश हैं और इसके साथ ही नाही किसी भी स्वरूप में संतुष्ट ये सभी कर्मचारी महसूस कर रहे हैं। कर्मचारियों को दी जाने वाली पुरानी पेंशन की स्किम को इन सभी कर्मचारियों के द्वारा इस नई पेंशन स्किम से बेहतर बताया जा रहा है और साथ ही इस नई पेंशन स्कीम का औपचारिक विरोध भी इन कर्मचारियों के द्वारा विभिन्न स्वरूप में किया जा रहा है।

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इस राज्य में लागू हुई पुरानी पेंशन स्किम

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व की पंजाब की भगवंत मान सरकार के द्वारा पंजाब राज्य के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है। पंजाब में इस योजना पर काफी समय पूर्व से विचार किया जा रहा था, जिसके लिए पंजाब सरकार काफी प्रयासरत भी रही और आखिरकार पंजाब सरकार ने राज्य में पुरानी पेंशन स्किम को लागू करके राज्य के सभी कर्मचारियों को एक तरह से दीपावली का तोहफा दिया है।

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आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने कही ये बात

आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि पंजाब के सभी कर्मचारियों से हमने वादा किया था की पंजाब में सभी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम के बजाए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाएगा और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंतमान के द्वारा हमारे द्वारा किया गया अपना यह वादा निभाया गया और राज्य में हमनें कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने नई पेंशन स्कीम के नुक्सान और साथ ही पुरानी पेंशन स्कीम के फायदे भी एक बार फिर से देश के लोगों को बताए ।

इन राज्यों की जनता से केजरीवाल ने किया वादा

गौरतलब है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों की राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल ने अपने एक बयान में इन दोनों राज्यों की जनता से एक बड़ा वादा कर डाला है। दरअसल सीएम अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि यदि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हमारी सरकार बनती है तो हम पंजाब की तरह इन दोनों राज्यों में भी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का वादा करते हैं।

कर्मचारियों में नई पेंशन स्कीम को लेकर है रोष

गौरतलब और उपरोक्त लिखित है कि देश के विभिन्न राज्यों के कर्मचारियों में नई पेंशन स्कीम को लेकर काफी ज्यादा रोष और आक्रोश है। सभी कर्मचारी इस नई पेंशन योजना का विरोध कर रहे हैं और साथ ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग पर सख्ती के साथ अड़े हुए हैं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में तो कर्मचारियों के द्वारा चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि राज्य में फिर से पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं की गई तो इसके परिणाम राज्य सरकार को विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ सकते हैं।

पुरानी पेंशन योजना और नई पेंशन योजना में अंतर

उल्लेखनीय है कि पुरानी पेंशन (OPS) एक सुरक्षित पेंशन योजना है, जिसका भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से किया जाता है था। जबकि नई पेंशन योजना (NPS) शेयर बाजार के जोखिम पर आधारित है, जिसमे बाजार स्थिति के आधार पर ही भुगतान होता है। पुरानी पेंशन OPS में रिटायरमेंट के समय अंतिम बेसिक सैलरी के 50 फीसदी तक निश्चित पेंशन मिलती थी। इन सब अंतरों को देखते हुए सभी कर्मचारी नई पेंशन स्कीम का विरोध और पुरानी पेंशन स्कीम का स्वागत के अभिलाषी हैं।