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भय्यू महाराज का आखिरी इंटरव्यू : किसान से मॉडलिंग और अध्यात्म पर की थी बातचीत

Posted on: 12 Jun 2018 12:45 by Praveen Rathore
भय्यू महाराज का आखिरी इंटरव्यू : किसान से मॉडलिंग और अध्यात्म पर की थी बातचीत

इंदौर। राजनीति के संत और अध्यात्मिक गुरु राष्ट्रसंत भय्यू महाराज ने मंगलवार को अपने घर पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बता दें कि भय्यू महाराज को हाल ही में राज्य सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था, जिसके बाद संतों को राज्य मंत्री का दर्जा देने पर राजनीति में बवाल मचा था। एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे और मॉडलिंग करने के बाद उन्होंने अध्यात्म का मार्ग चुना, वे राष्ट्रसंत कहलाए। भय्यू महाराज ने सत्ता के शीर्ष तक अपनी पहुंच भी बनाई। उनके न सिर्फ म.प्र. और महाराष्ट्र बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी अनुयायी हैं।

घमासान डॉटकॉम के संपादक आलोक वाणी से उन्होंने खास बातचीत में जीवन के कई पहलुओं पर बेबाक विचार व्यक्त किए थे। ये इंटरव्यू उनके जीवन का अंतिम इंटरव्यू है। इस इंटरव्यू में भय्यू महाराज ने कहा था कि संत एक विचार होता है। प्रतिकूलता से अनुकूलता का जब हम निर्माण करते हैं तो ये विचार संत है। मूलत: प्रत्येक व्यक्ति में ९९ अवगुण होते हैं, लेकिन एक गुण संतत्व का होता है। संत को एक गुण से भी सम्मान मिलता है। कहते हैं कि संतों को दुख नहीं आते हैं, क्योंकि संत दुख में सुख खोजते हैं।

इस इंटरव्यू में राष्ट्रसंत भय्यू महाराज ने कभी भी राजनीति में आने या राज्यसभा में नहीं जाने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि वे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे संत नहीं एक गृहस्थ जीवन जी रहे हैं और परिवार में मां, पत्नी और लडक़ी है। उन्होंने कहा था कि वे अपना जीवन बड़े ही समायोजित तरीके से बिताते हैं, घर परिवार को भी समय देते हैं वहीं सप्ताह में एक दिन शनिवार को खेती भी करते हैं।

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