Breaking News

बजट पर परिचर्चा का आयोजन सीए भवन में किया गया

Posted on: 02 Feb 2019 18:37 by Surbhi Bhawsar
बजट पर परिचर्चा का आयोजन सीए भवन में किया गया

इंदौर सीए शाखा और टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में यूनियन बजट 2019 पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसे वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट मनीष डफरिया और सीए सुनील पी जैन ने संबोधित करा।

इंदौर सीए शाखा के चेयरमैन सीए अभय शर्मा ने बताया की फाइनेंस मिनिस्टर की स्पीच कुछ 1-2 घंटे की होती है जिसमें कुछ ही प्रावधानों तथा अमेंडमेंट का समावेश किया जाता है, जबकि असल में बजट में कई प्रावधान तथा चैंजेस अंतर्निहित होते है। इन सभी चेंजेस तथा अमेंडमेंटस से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा करदाता अपडेट हो सके इस हेतु इस महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट प्रोग्रेसिव और आम जनता को राहत देने वाला बजट है। भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एक बजट में टैक्स छूट दोगनी की गई हो।

सीए मनीष डफरिया द्वारा आयकर में प्रस्तावित परिवर्तनों का विश्लेषण किया गया | उन्होंने कहा की अंतरिम बजट होने के कारण वित्त मंत्री जी ने आयकर में बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं किये है | कुल मिला कर वर्तमान में 8 परिवर्तन प्रस्तावित है जिनमे सबसे महत्वपूर्ण 5 लाख रूपये तक की आय पर कर की पूर्ण छूट है | हालाँकि आयकर दरों में परिवर्तन करने की बजाय यह छूट धारा 87A में रिबेट के रूप में दी जा रही है अतः इसका फायदा बहुत सारे करदाताओं को नहीं मिल पायेगा | आय 5 लाख से थोड़ी सी भी ज्यादा होने पर यह छूट नहीं मिलेगी| इसी प्रकार एच.यू.एफ., नॉन रेसिडेंट को भी इस छूट का फायदा नहीं मिलेगा | अगर करदाता की सिर्फ कैपिटल गेन की आय होती है तो आय 5 लाख तक होने पर भी कर से आंशिक छूट ही मिल पायेगी |

कैपिटल गेन्स के प्रावधानों के तहत, एक मकान बेच कर दो मकान लेने पर भी अब धारा 54 की छूट मिल सकेगी | अभी तक यह छूट सिर्फ एक मकान लेने पर ही मिलती थी | प्रावधान के समयानुकूल होने की तारीफ करते हुए सी ए डफरिया ने कहा की एक्ट की प्रस्तावित भाषा में कुछ अस्पष्टता है जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है |

उन्होंने बताया की बैंक द्वारा रु. 40 हजार तक के ब्याज पर कोई टी.डी.एस. नहीं किया जायेगा | यह प्रावधान पोस्ट ऑफिस और को ऑपरेटिव सोसाइटी के द्वारा देय ब्याज पर भी लागू होंगे | मकान स्वामियों के दो मकान – जिन्हें किराए पर नहीं दिया गया है- को स्व निवास की संपत्ति मन जा सकेगा जिस हेतु कोई आय कर यौग्य नहीं मानी जायेगी|

सीए सुनील पी जैन ने कहा कंपोजीशन से संबंधित प्रावधान भी 1 फरवरी 19 से प्रभावी हो गए हैं करदाता के मन में संशय है कि क्या यह प्रावधान पूरे वर्ष अकेली लागू होंगे अथवा वर्तमान वर्ष के संबंध में आनुपातिक रूप से 2 महीने के लिए लागू होंगे अथवा वर्तमान वर्ष में सिर्फ नए करदाताओं को ही है छूट मिल सकेगी? इसी प्रकार नए प्रावधान के तहत कंपोजिशन स्कीम करदाता द्वारा निश्चित सेवा प्रदान करने पर भी कंपोजीशन की पात्रता रहें प्रश्न उठता है कि क्या यह सुविधा चालू वर्ष में लागू होगी अथवा आनुपातिक रूप से बचे 2 माह के लिए ही लागू होगी?

माननीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में साफ तौर पर कहा है की जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता 20 लाख से 40 लाख कर दी गई है तथा छोटे सेवा दाताओं के लिए कंपोजीशन स्कीम 6% की दर लगा दी गई है जबकि बजट के फल स्वरुप अधिनियम में बदलाव का कोई प्रावधान वित्तीय बिल में देखने को नहीं मिला है और ना ही अलग से कोई नोटिफिकेशन जारी किया गया है। वित्त मंत्री द्वारा दिए गए कथन उचित नहीं है।

सेमिनार का संचालन सचिव सीए हर्ष फिरोदा ने किया तथा धन्यवाद अभिभाषण टीपीए के मानद सचिव एडवोकेट राजेश जोशी ने दिया। स्वागत अभिभाषण टीपीए वाइस प्रेसिडेंट सीए मनोज गुप्ता ने दिया। इस अवसर पर एडवोकेट महेश अग्रवाल, सीए प्रियंक राणा, सीए पवन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में सीए तथा कर सलाहकार मौजूद थे।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com