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आजकल के जमाने में सरकार बनाना भाजपा का विशेषाधिकार है

Posted on: 19 May 2018 15:56 by Lokandra sharma
आजकल के जमाने में सरकार बनाना भाजपा का विशेषाधिकार है

ऋषिकेश राजोरिया की Facebook वॉल से

कर्नाटक में भाजपा ने विपक्ष के लेबल से मुक्त होने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन पूंछ अटक गई। कर्नाटक विधानसभा की 224 में से 222 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिनमें भाजपा ने पूरी ताकत लगाने के बाद 104 सीटें जीतीं। बहुमत साबित करने में 8 सीट कम पड़ गई। कांग्रेस को 78 सीटें मिलीं, जनता दल-एस ने 38 सीटें जीतीं, 2 निर्दलीय जीते। चुनाव के बाद कांग्रेस और जदएस एक हो गई। दोनों ने मिलकर 116 विधायकों के समर्थन से गठबंधन सरकार बनाने की तैयारी कर ली। राज्यपाल वजूभाई वाला ने सबसे ज्यादा सीटें जीतने के आधार पर येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी और 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा। कांग्रेस और जनता दल-एस सुप्रीम कोर्ट चली गई।

सुप्रीम कोर्ट से आदेश हुआ कि तत्काल बहुमत साबित करना जरूरी है। शनिवार 4 बजे येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित करना था। इसकी तरफ पूरे देश की निगाहें थीं। कांग्रेस के विधायक हैदराबाद चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुनकर उलटे पांव बेंगलुरु लौटे। कुल मिलाकर परिस्थिति ऐसी बन गई कि येदियुरप्पा के लिए किसी भी तरह बहुमत साबित करने की गुंजाइश नहीं बची। लोग उम्मीद कर रहे थे कि विधायकों की तोड़फोड़ होगी। हार्स ट्रेडिंग का नजारा दिखेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

येदियुरप्पा ने एक भावुक भाषण दिया, लोगों ने उनको दुखी देखा। भाषण के बाद वे सदन में शक्ति परीक्षण के बगैर इस्तीफा देने राजभवन चले गए। इस तरह कर्नाटक में कांग्रेस ने जनादेश नहीं होने के बावजूद सत्ता में बने रहने का मौका बना लिया। अब भाजपा 104 विधायकों के साथ सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएगी, जिसका उसे अच्छा अभ्यास है।

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