Breaking News

अल्फाजों के जादूगर आज शब्दों के मोहताज हो गए

Posted on: 09 Jan 2019 11:39 by Ravindra Singh Rana
अल्फाजों के जादूगर आज शब्दों के मोहताज हो गए

चंद्रशेखर बिरथरे

डॉ बशीर बद्र साहब अपने बिगड़े स्वास्थ के चलते तन्हाई के आगोश में हे ! खुदा उन्हे सेहतयाब करे…! इन दोनों बशीर बद्र साहब बीमारियां गंभीर दौर से गुजर रहे हैं उनके चाहने वाले उनके स्वास्थ्य के लिए दुआएं भी कर रहे हैं

उन्ही की एक मकबूल ग़ज़ल पेशे खिदमत हे…!!

हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाए,
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाए!

मैं ख़ुद भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ,
कोई मासूम क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए!

अजब हालात थे यूँ दिल का सौदा हो गया आख़िर,
मोहब्बत की हवेली जिस तरह नीलाम हो जाए!

समन्दर के सफ़र में इस तरह आवाज़ दो हमको,
हवाएँ तेज़ हों और कश्तियों में शाम हो जाए!

मुझे मालूम है उसका ठिकाना फिर कहाँ होगा,
परिंदा आसमाँ छूने में जब नाकाम हो जाए!

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए!!

बशीर बद्र

Read More:डोनाल्ड ट्रंप ने मृत भारतीय अधिकारी को बताया ‘नेशनल हीरो’

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com