ऐसे किया ताई ने टिकट को बाय-बाय | Tai says Bye-Bye to ticket in such a way

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तीस साल पहले घरे में बैठी ताई यानी सुमित्रा महाजन को घर से निकलकर राजनीति में लाने वाले नारायण राव धर्म और राजेंद्र धारकर ने भी यह नहीं सोचा था की ताई लगातार आठ बार लोकसभा चुनाव जीतेंगी। एक दिन लोकसभा अध्यक्ष बन जाएंगी और आखिरी में वह दिन आएगा जब ताई की स्थिति ऐसी होगी कि बड़े बेआब्रू होकर तेरे कूचे से निकल गए।

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ताई नौंवीं बार लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तो यूं तैयार थी भी और नहीं भी क्योकि कई बार मजाकिया लहजे में ताई कहती रही कि बस अब बहुत हो गया। अब लोकसभा चुनाव नहीं लडूंगी। ताई का कद इतना बड़ा है कि वह हर किसी के बूते की बात नहीं है। ताई को पहले इंदौर से चुनाव लड़ने का इशारा हाईकमान ने किया। उसके बाद जब ताई सक्रिय हो गई तो सबको लगने लगा कि उनका टिकट तय है, आखिर उनका टिकट काटेगा भी कौन।

ताई धीरे-धीरे इतनी ज्यादा सक्रिय हो गई कि पहली बार उन्होंने चुनाव के समय कई स्तर की बैठके लेना शुरू कर दी। पिच्यासी में से पचास वार्डों की बैठके कल तक हो गई थी। लगातार मीडिया में आ रहा था कि इस बार पचहत्तर साल से ज्यादा वालों को टिकट नहीं मिलेगा लेकिन ताई के मामले में परिस्थितियां बदल जाएगी। ताई भी यह समझती रही कि आज नहीं तो कल उनके नाम की घोषणा हो जाएगी। लेकिन देश ही नहीं मध्यप्रदेश के आधे से ज्यादा टिकट तय होने के बाद भी उनका नाम घोषित नहीं हुआ।

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ताई का टिकट कटने और दावेदारों के नाम छपने से कयास लग रहे थे कि ताई को टिकट नहीं मिला। कल भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बयान दिया था कि पचहत्तर पार कर चुके नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा। उसके बाद कल रात से ही ताई बैचेन थीं, असमंजस में थीं कि क्या करे? पार्टी मना कर नहीं रही। वह खुद मैदान से हट जाए तो बेहतर होगा।

ताई लालची नहीं है, स्वार्थी नहीं है और जब जो पार्टी ने दिया वो चुपचाप स्वीकार कर लिया। एक बार तो उनका नाम राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति पद के लिए भी आया था। उसके बाद वे लोकसभा अध्यक्ष पांच साल बनी रहीं। ताई का टिकट पहली सूची में घोषित होना था लेकिन ताई ने सोचा इंदौर में मतदान 19 मई को है तो थोड़ा लेट हो जाएगा। हाईकमान ताई की अग्निपरीक्षा ले रहा था और ताई सबकुछ बर्दाश्त करती रही लेकिन सब्र की ही सीमा होती है। पत्थर पिघल सकता है तो सब्र क्यों नहीं टूट सकता।

ताई ने आज सुबह नौं बजे अपने बेटे मिलिंद और मंदार को बुलाया। ताई ने दोनों से बात की और बड़े बेआब्रू होकर टिकट के कूचे से बाहर निकल गई।

Ghamasan.com ने इस पूरे मामले को बेहतरीन तरीके से कवर किया है। इस मामले के एक दर्जन से ज्यादा वीडियो बनाए है। ताई ने जो पत्र लिखा और जो कहा वह सब अप जरुर देखिएगा।

@राजेश राठौर

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