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भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है ये ‘भाईदूज’ का त्यौहार

Posted on: 09 Nov 2018 10:05 by shilpa
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है ये ‘भाईदूज’ का त्यौहार

दिवाली के बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज मनाया जाता है। इस साल यह त्यौहार 9 नवंबर को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन की तरह इसका भी अपना खास महत्व है।

भैया दूज के इस पवित्र दिन बहनें अपनी भाइयों के रोली और अक्षत से तिलक करके उनके लम्बी आयु और उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं और भाई बहन को प्यार से आशीर्वाद और तोहफे देते हैं।

भाई दूज की रस्म मनाने का एक खास मुहूर्त होता है। इस समय में की हुई रस्मे सबसे शुभकारी व लाभकारी होती है। इस साल  शुभ मुहूर्त 2 घंटे 17 मिनट तक का है।

आरंभ काल : दोपहर 1 बजकर 10 मिनट

मुहूर्त समाप्ति- दोपहर 3 बजकर 27 मिनट

भाई दूज की रस्म ऐसे करते है-

अपने भाई के सुखशांति की कामना करते हुए इसकी तयारी कीजिए। सबसे पहले चावल के आटे से चौक तैयार करें। अब उसपे भाई को बैठाकर उनके दोनों हाथों की पूजा कीजिए। हाथ में रोली लगाकर फूल, पान, सुपारी, मुद्रा आदि हाथों पर रख कर जल छिड़कें। भाई को लीलक लगाए और उसके हाथ में कलावा बांधे।  भाई की आरती उतारे और फिर मिठाई खिलाकर उसका मुंह मीठा कीजिए।

शाम के समय चौमुख दीया यमराज के नाम से जलाकर घर के बाहर दक्षिण दिशा की रखे यह दीप यमदीप कहलाता है।

 

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