मनी लांड्रिंग मामले में आरोपित निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को करीब आठ माह बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारावास से रिहा कर दिया गया। झारखंड काडर की अधिकारी पूजा सिंघल को उनकी बीमार बेटी की देखभाल के लिए मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें लेने उनके पति अभिषेक झा पहुंचे थे, जिसके साथ वह कार में बैठकर जेल से बाहर निकल गई।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने सिंघल की मुख्य जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को तीन सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए। धनशोधन निरोधी जांच एजेंसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि याचिका में अशुद्वियां हैं और उसमें कोई दम नहीं है।

स दौरान पूजा सिंघल के अधिवक्ता ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार झारखंड छोड़ देंगी, लेकिन उन्हें कुछ समय दिया जाए संभवत गुरुवार को रांची से बाहर जाएंगी। कोर्ट का आदेश जेल पहुंचा और सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूजा सिंघल को जेल से रिहा कर दिया गया।

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को एक माह की अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने यह शर्त लगाई है कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए उसके साथ रह सकती है। लेकिन वो रांची नहीं आएंगी जब तक की उनके मामले में कोर्ट में सुनवाई ना हो। सुप्रीम कोर्ट का आदेश ईडी कोर्ट में पेश किया गया। जहां से ईडी कोर्ट ने पूजा सिंघल को रिलीज करने का आदेश दिया।

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पूजा सिंघल पर मनरेगा योजना में घोटाले करने का आरोप है। इस मामले की जांच की जा रही है। ईडी की छापेमारी में पूजा सिंघल के सहयोगी सीए सुमन कुमार के पास से कुल 19 करोड़ बरामद हुए थे। इसके बाद ईडी ने पूजा सिंघल से पूछताछ की और बाद में उन्हें 11 मई 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा भी आरोपित है। ईडी ने सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दिया है अदालत में आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई लंबित है। फिलहाल पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा जेल से बाहर हैं।